बदायूं। डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक जिले में सामने आए 69 मामलों में 25 से ज्यादा तो शहर के ही हैं। इनमें भी सात मामले जिला अस्पताल परिसर के हैं। इसके बावजूद जिले में फॉगिंग पर जोर नहीं दिया जा रहा। मलेरिया विभाग डीडीटी का तो छिड़काव करा रहा है पर फॉगिंग की बात पर मिट्टी का तेल के न होने की बात कह दी जाती है। नगरीय निकाय भी फॉगिंग को गंभीरता से नहीं ले रहा।
जिला मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से हाई रिस्क श्रेणी में है। 2019 में यहां मलेरिया और डेंगू कहर बरपा चुका है। इस वर्ष हालांकि पिछले वर्षों के मुकाबले मलेरिया काबू में है, लेकिन डेंगू बेकाबू होता जा रहा है। मलेरिया विभाग डेंगू की रोकथाम के नाम पर डीडीटी का छिड़काव कराने के साथ मच्छरदानियों का वितरण कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी औपचारिकता के लिए कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इसके बावजूद हालात नहीं संभल रहे। जिला अस्पताल परिसर ही डेंगू के लिहाज से रेड जोन में आ गया है। अब तक मिले डेंगू के कुल मामलों में सबसे ज्यादा शहर में हैं। इनमें सिविल लाइंस, कृष्णापुरी, पटेल नगर, लोचीनगला, जालंधरी सराय को मलेरिया विभाग रेड जोन मान रहा है। दरअसल, इन्हीं इलाकों में सबसे ज्यादा डेंगू के रोगी मिले हैं। अकेले जिला अस्पताल परिसर में डेंगू के सात रोगी मिल चुके हैं। इनमें अस्पताल स्टाफ और उनके परिवार के लोग शामिल हैं।
नगर विकास राज्यमंत्री भी बुखार की चपेट में
नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता भी बुखार की चपेट में आ गए हैं। रविवार को उनको तेज बुखार आया। हालांकि, अभी उन्होंने जांच नहीं कराई है। बात करने पर नगर विकास राज्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को वह सभी जरूरी जांचें कराएंगे। नगर विकास राज्यमंत्री को शरीर में दर्द की भी शिकायत है। संवाद
सफाई व्यवस्था की जांच को एडीएम ने बनाई टीमें
बदायूं। एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया ने मच्छरजनित बीमारियों के सीजन में स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी तय करते हुए जिले भर की नगर पालिका और नगर पंचायतों में अलग-अलग टीमें बनाकर सफाई व्यवस्था की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। शहर समेत अन्य नगरों में निकायों के जेई, एई समेत अन्य अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। खुद एडीएम भी औचक निरीक्षण करेंगी। एडीएम ऋतु पुनिया का कहना है कि अगर कहीं पर सफाई नहीं हो रही या फिर जलभराव की समस्या है तो सीधे उनको फोन करके शिकायत की जा सकती है। संवाद
डेंगू के मामले कुछ बढ़े हैं, लेकिन अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सावधानी भी जरूरी है। लोगों को चाहिए कि वह अपने घरों के आस-पास पानी जमा न होने दें। डेंगू का मच्छर घर के साफ पानी में पनपता है। जहां से भी बुखार के प्रकोप की सूचना मिल रही है वहां टीमों को भेजकर कैंप लगाया जा रहा है।
- डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ