लाेकतंत्र सेनानी बलवीर सिंह की फाइल फोटो।
उझानी। लोकतंत्र सेनानी चौधरी बलवीर सिंह यादव निधन हो गया। उन्होंने इलाज के दौरान नोएडा के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। शव लेकर परिवार के लोग घर पहुंचे तो उनके प्रशंसकों समेत ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सीओ की मौजूदगी में पुलिस गारद ने उन्हें शस्त्र झुका कर अंतिम सलामी दी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव हजरतगंज के बलवीर सिंह यादव (75) शुरू से ही जनसंघ और भाजपा से जुड़े रहे थे। बेटे संजय यादव ने बताया कि वह कई साल से कैंसर से पीड़ित थे। नोएडा के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। शनिवार तड़के करीब पांच उन्होंने अंतिम सांस ली। इलाके में नेताजी के नाम से उनकी पहचान थी। अपराह्न करीब चार परिवार के लोग शव लेकर हजरतगंज पहुंचे। उनके शव पर परिवार के लोगों समेत इलाके के प्रमुख व्यक्तियों ने पुष्प अर्पित किए।
नेताजी की शवयात्रा शुरू होने से पहले सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर गुड्डू सिंह ने पुष्पचक्र चढ़ाया। पुलिस लाइन से आई गारद के पुलिस कर्मियों ने सैल्यूट के साथ सलामी दी। शोक में शस्त्र भी झुकाए गए। कछला गंगाघाट पर देर शाम दाह संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके बड़े बेटे ने दी। उनके करीबियों की आंखें नम हो गईं। दाह संस्कार के समय सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
सहसवान सीट से लड़ा था विधानसभा का चुनाव
लोकतंत्र सेनानी बलवीर सिंह यादव के बेटे संजय ने बताया कि राजनीति में उनका खासा दखल रहा था। वर्ष- 1989 में उन्होंने सहसवान सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। इसके बाद भी सक्रिय राजनीति में उनका योगदान रहा। लोकतंत्र की रक्षा को लड़ाई में वह पूर्व विधायक प्रेमस्वरूप पाठक के साथ जेल भी गए थे। सेनानी के निधन से पत्नी मुन्नी देवी बदहवास हैं। संजय, विजय, सोमेश और दिनेश यादव उनके बेटे हैं।
लाेकतंत्र सेनानी बलवीर सिंह की फाइल फोटो।