तीन दर्जन से अधिक बच्चे बीमार, सहसवान से चिकित्सा टीम पहुंची
गंभीर बीमार तीन बच्चों को बदायूं जिला अस्पताल रेफर किया
गांव शिकारपुर में एक सप्ताह से खसरा का प्रकोप फैला हुआ है। इस पर नियंत्रण नहीं हो सका। इस बीच बृहस्पतिवार को किशन पाल के दो पुत्र, तीन वर्षीय सत्यवीर और पांच वर्षीय अरविंद की मौत हो गई। इनकी मौत से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। अभिभावक अपने बीमार बच्चों को लेकर आशंकित और खौफजदा हैं। इस गांव में अभी भी तीन दर्जन से अधिक बच्चे खसरा से पीड़ित हैं। कुछ जिंदगी मौत से संघर्ष कर रहे हैं। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार को पहुंचे विरम सिंह पुत्र इन्द्रपाल, गोविंद कुमार पुत्र किशनपाल, सावित्री पुत्री रामकिशन, सुमित कुमार पुत्र रामकिशोर, सीमा व अनीता पुत्री हरनाम, अंकित पुत्र अमरीश में से गोविंद, सावित्री और सुमित को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सभी बीमारों की उम्र पांच से 10 वर्ष के बीच है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक डॉ. अवान ने गांव जाकर पीड़ित बच्चों को दवाइयां वितरित की हैं। गांव में दो सगे भाइयों की मौत से कोहराम मचा हुआ है।
टीकाकरण के बाद भी फैला खसरा
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी नियमित गांव आती है और बच्चों को टीकाकरण भी हुआ है। बावजूद इसके अचानक गांव में खसरा फैलने से ग्रामीण हतप्रभ हैं। अपने बच्चों को लेकर बेहद परेशान हो उठे हैं। ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्साधिकारी से अपने पीड़ित बच्चों का उपचार कराने की मांग की है। सीएमओ, डॉ. आरडी तिवारी ने कहा कि सहसवान की चिकित्सा टीम गांव में कैंप कर रही है। जिन बच्चों को जिला अस्पताल भेजा गया है। उनका उपचार हो रहा है। आगे कोई बच्चा गंभीर होता है तो उसे भी जिला अस्पताल भेजा जाएगा। गांव में चिकित्सा टीम पूरी निगरानी कर रही है। मैं भी हालातों पर पूरी निगरानी रखे हुए हूं।