जिले की पुलिस व्यवस्था चरमराई हुई है। अपराधिकतत्व इसी वजह से वारदातें करने की कुव्वत आसानी से जुटा लेते हैं। हालात यह हैं कि जिले की तमाम पुलिस चौकियां कागजों में चल रही हैं। कुछ स्थानों पर पुलिस चौकी के नाम पर खंडहर जरूर हैं, लेकिन बाकी जगह पुलिस चौकी का नामोनिशां मिट चुका हैं। सहसवान में चार, उझानी में दो और बिल्सी, बिसौली और वजीरगंज में भी तीन पुलिस चौकियां ऐसी हैं जिनका वजूद मिट गया है। यहां तैनात स्टाफ थानों में रहता है। इससे पुलिस का मुखबिर तंत्र भी कमजोर हो रहा है।
जिले के 21 थानों में 16 थाने ऐसे हैं जिनमें 52 पुलिस चौकियां हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने और इलाके में नजर रखने में पुलिस चौकियों की अहम भूमिका होती है। बदायूं में पुलिस चौकियों की भूमिका को कोई तबज्जो नहीं दी जाती। सहसवान की काजी मोहल्ला, अकबराबाद, सैफुल्लागंज पुलिस चौकियों का वजूद मिल चुका है। इसी तरह उझानी की बिल्सी नाका और कछला नाका चौकी कहां है यह किसी को नहीं पता। रिकार्ड में जरूर दोनों चौकियों का नाम चल रहा है। वजीरगंज, बिसौली और बिल्सी की कस्बा चौकियां भी लापता हो गई हैं।
हालांकि विभाग का कहना है कि यह चौकियां अब थानों में शिफ्ट कर दी गई हैं। अफसरों को इस बात से कोई सरोकार नहीं कि चौकियां खत्म होने से अपराधिक तत्वों के हौंसले बुलंद होते हैं। पुलिस चौकियां खत्म होने से रात्रि गश्त पर भी असर पड़ता है। ऐसे में चोरी, राहजनी, लूट और डकैती जैसी अपराधिक घटनाएं होती हैं।
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पांच थानों में एक भी पुलिस चौकी नहीं
बदायूं। जिले में अपराध भले ही बेकाबू हो रहा हो, लेकिन पांच थाने ऐसे भी हैं जहां एक भी पुलिस चौकी नहीं है। बिनावर, कुंवरगांव, मुजरिया, मूसाझाग और उघैती थानों को पुलिस चौकियों की दरकार है। जिले में सिर्फ एक रिपोर्टिंग चौकी बगरैन है। लंबे समय से कादरचौक के भूड़ा भदरौल को रिपोर्टिंग चौकी बनाने की मांग हो रही है।
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जमीनों पर कब्जे में पुलिस भी पीछे नहीं
बदायूं। जमीनों पर कब्जे में पुलिस भी पीछे नहीं है। जिले में तमाम जगह पर पुलिस चौकी के नाम पर पुलिस ने जमीनें कब्जा रखी हैं। कादरचौक की मोहम्मदगंज चौकी कन्या पाठशाला में चल रही है। उसहैत की भुंडी चौकी को बाढ़ खंड की चौकी पर कब्जा कर बनाया गया है। नौली पुलिस चौकी भी ग्राम सभा की जमीन पर है। दातागंज की समरेर और बराही चौकियां भी कब्जे की जमीन पर हैं। अलापुर की ककराला चौकी अस्पताल में है। यहां की म्याऊ और जगत पुलिस चौकी कब्जाई गई जमीन पर चल रही है। वार्डर के थाने जरीफनगर का भी बुरा हाल है। नाधा और दहगवां चौकी के नाम पर पुलिस ने साधन सहकारी समिति का का भवन कब्जा लिया है। मढ़कावली चौकी बीज गोदाम में चल रही है। मालपुर चौकी पंचायत भवन पर कब्जा कर चलाई जा रही है तो दानपुर चौकी स्वास्थ्य विभाग के भवन में।
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कुछ जगहों पर पुलिस चौकियां जर्जर हो गई हैं। इस वजह से स्टाफ को थानों में शिफ्ट कर वहीं से काम चलाया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में पुलिस चौकियां धरातल पर नहीं हैं, यह बात मेरी जानकारी में नहीं है। इसको दिखवाया जाएगा। कोई व्यवस्था की जाएगी।
-सौमित्र यादव, एसएसपी