- चार साल पहले शराब के नशे में कर दी थी साले की हत्या
अपर सत्र न्यायाधीश दशम वीरेंद्र कुमार पांडेय ने साले की हत्या में नामजद बहनोई को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम से आधी धनराशि मृतक की मां को बतौर मुआवजा दिए जाने का भी आदेश दिया है।
हत्या की वारदात थाना बिनावर के गांव घटपुरी में 17 मई 2013 को हुई थी। शाहजहांपुर के थाना कलान के गांव पिलुआ निवासी सुरजीत पुत्र रामस्वरूप ने 18 मई 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन की शादी घटपुरी निवासी पन्ना लाल पुत्र रामप्रसाद के साथ हुई थी। उसका भाई नन्हे अपनी चार साल की बेटी कोमल का इलाज कराने बदायूं जिला अस्पताल गया था। वहां वह ऑपरेशन के बाद घटपुरी में अपनी बहन के घर रुक गया। 17 मई 2013 की रात उसका भाई नन्हे और बहनोई पन्ना लाल छत पर बैठे शराब पी रहे थे। किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इस पर पन्ना लाल ने तमंचे से नन्हे को गोली मार दी। इससे नन्हे की मौके पर मौत हो गई। विद्वान न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के वकील को सुनने के बाद नन्हे की हत्या में उसके बहनोई पन्ना लाल को दोषी करार दिया। उसे उम्रकैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।