सपा विधायक पर हमले का आरोप, नहीं दी तहरीर
बिसौली के गांव कालूपुर में बूथ कैप्चरिंग की सूचना पर पहुंचे थे
पुलिस ने बूथ में बंद कर बचाया, पथराव में एक कार्यकर्ता घायल
बूथ कैप्चरिंग की कथित सूचना पर कालूपुर गांव पहुंचे भाजपा प्रत्याशी कुशाग्र सागर के पिता पूर्व विधायक योगेंद्र सागर और उनके समर्थकों पर हमला कर दिया गया। हमलावरों ने पथराव भी किया जिसमें उनकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने उन्हें पोलिंग बूथ में बंद करके जैसे-तैसे बचाया। योगेंद्र सागर ने सपा प्रत्याशी व विधायक आशुतोष मौर्य पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाते हुए उनके समर्थकों द्वारा हमला किए जाने की बात कही है। हालांकि देर रात तक उन्होंने इस संबंध में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी थी।
योगेंद्र सागर के मुताबिक बुधवार शाम करीब पांच बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली कि कालूपुर गांव में बूथ कैप्चरिंग की जा रही है। इस पर वह अपने प्रत्याशी बेटे के एजेंट ओमकृष्ण के साथ कालूपुर पहुंचे थे। योगेंद्र सागर का आरोप है कि कालूपुर के बूथ पर सपा प्रत्याशी आशुतोष मौर्य अपने समर्थकों के साथ बूथ कैप्चरिंग करा रहे थे। उनके विरोध करने आशुतोष के समर्थकों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। पथराव भी किया गया जिसमें उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने जैसे-तैसे उन्हें बचाया और सुरक्षा में उनके आवास पहुंचवाया। पथराव में मदन नाम का एक कार्यकर्ता भी घायल हो गया।
उधर,कोतवाल एसके उपाध्याय ने बताया कि योगेंद्र सागर जब कालूपुर पहुंचे, उस समय ईवीएम सील हो चुकी थीं। योगेंद्र सागर को देखकर वहां मौजूद उनके कुछ विरोधी उग्र जरूर हो गए थे लेकिन जानलेवा हमले की बात गलत है। कोतवाल का कहना है कि अगर कोई तहरीर आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, सपा विधायक आशुतोष मौर्य ने योगेंद्र सागर के आरोप को झूठा बताते हुए कहा है कि घटना के वक्त वह कालूपुर में मौजूद नहीं थे। गांव वालों की सूचना पर लगभग 50 मिनट बाद पहुंचे थे। आशुतोष ने भी आरोप मढ़ा कि योगेंद्र सागर अपने लोगों के साथ बूथ कैप्चरिंग करने गए थे लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें बूथ कैप्चरिंग से रोक दिया। इसी बीच पुलिस भी आ गई। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए योगेंद्र सागर उन पर झूठा आरोप लगा रहे हैं।