गांव निरंजन नगला में वारदात, पुलिस मान रही संदिग्ध
थाना क्षेत्र के गांव निरंजन नगला में जमीन के बंटवारे में भाई ने ही भाई को गोली मार दी। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है।
निरंजन नगला निवासी रामभरोसे के चार बेटे आशाराम, अनिल, उमेश और अशर्फी लाल हैं। तीन भाइयों की शादी हो चुकी थी। अशर्फी लाल अविवाहित था। पिछले साल संदिग्ध परिस्थितियों में अनिल की मौत हो गई थी। परिवार वालों ने बिना पुलिस को खबर दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। अनिल के तीन संतानें थीं। परिवार वालों और नाते-रिश्तेदारों के कहने पर अशर्फी को अनिल की पत्नी सीमा पति के रूप में स्वीकार कर उसी के साथ रहने लगी थी। इसके बाद अशर्फी लाल जमीन में दो हिस्से मांग रहा था। उसका कहना था कि अनिल के हिस्से की जमीन उसकी पत्नी को मिले। बाकी के भाई इसका विरोध कर रहे थे। गुरुवार को इसी बात पर दोनों में झगड़ा हो गया।
आरोप है कि आशाराम और उमेश ने अशर्फी लाल पर फायरिंग कर दी। एक गोली उसके पैर में लगी। इससे वह घायल हो गया। रात में ही अशर्फी लाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसओ रामनरेश माथुर का कहना है कि घटना बनाई हुई संदिग्ध प्रतीत हो रही है। अभी तहरीर नहीं आई है। तहरीर के आधार पर पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।