फर्जी आईडी लगाकर एसबीआई सहसवान मेन ब्रांच में खोले गए सभी आठ खाते और शहवाजपुर ब्रांच का एक फर्जी खाता सीज कर दिया गया है। फर्जी आईडी से खोले गए आठ खातों से दो महीने में 2.50 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा होने पर बैंक प्रबंधन हरकत में आया था। मूामले में तीन लोगों को जेल भी भेजा जा रहा है। सभी खाते सीज करने के बाद पुलिस के साथ बैंक और खुफिया इकाई भी पड़ताल में लगी हुई हैं। आखिर इतनी मोटी रकम कहां ठिकाने लगाई गई।
सहसवान तहसील के गांव मोहम्मदपुर ऊधा के आकाश पुत्र हरीश चंद्र, अशोक पुत्र जानकी, आकाश कुमार पुत्र रमेश बाबू, बबलू पुत्र पप्पू, मुकेश पुत्र विजय पाल, अशोक पुत्र नत्थू सिंह, वीरेंद्र पुत्र प्रानसुख और देवकरन पुत्र सोहन लाल के नाम कस्बे की एसबीआई मेन ब्रांच में बचत खाते खोले गए थे। दो महीने में इन खातों से करीब 2.50 करोड़ रुपये का लेनदेन हो गया। चालू खातों से इतना बड़ा लेनदेन होने पर सभी आठ खाता धारकों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस मिलने पर सभी लोग बैंक पहुंचे। पड़ताल में पता लगा कि खाते खोलने के लिए आईडी तो इन लोगों की लगी हैं, लेकिन फोटो और हस्ताक्षर दूसरे लोगों के हैं। खुलासा होने पर बैंक शाखा में हड़कंप मच गया। मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है। फर्जी आईडी पर खाता खोलने की कोशिश करते हुए 19 जुलाई को उवैश रजा पुत्र महरुल मोहम्मद इशहाक निवासी उदयपुर थाना वजीरगंज, अब्दुल कादिर पुत्र मोहम्मद सुलेमान और फरीद आलम पुत्र शमकीद अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन तीनों को जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस, ब्रैंक प्रबंधन के साथ खुफिया इकाइयां भी मामले की पड़ताल में जुटी हुई हैं। बैंक प्रबंधन ने सभी नौ खाते सीज कर इनसे लेन-देन पर रोक लगा दी है।