दबतोरी (बदायूं)। बिसौली इलाके में दबिश देने आई दिल्ली एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की टीम को बदमाश समझाकर पुलिस पकड़ ले गई। पुलिसकर्मी जब टीम को लेकर दबतोरी पुलिस चौकी पहुंचे और वहां टीम के सदस्यों ने अपने आई कार्ड दिखाए तो पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। बाद में पुलिस ने उनके कार्य में सहयोग भी किया। बताते हैं एटीएस टेरर फंडिंग से जुड़े कुछ लोगों की तलाश में यहां आई थी।
बुधवार दोपहर दिल्ली से आए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड के सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ सादा कपड़ों और बगैर नंबर प्लेट की गाड़ी के साथ संग्रामपुर और लक्ष्मीपुर के बीच खड़े थे। बताते हैं कि टीम वहां किसी की तलाश में घेराबंदी कर खड़ी हुई थी। इसी दौरान दबतोरी चौकी इंचार्ज बृजकिशोर को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग बिना नंबर प्लेट की गाड़ी के साथ संग्रामपुर और लक्ष्मीपुर के बीच खड़े हैं। इस पर वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने टीम से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन मौके पर भीड़ जमा होने पर एटीएस के सब इंस्पेक्टर ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। इस पर टीम उन्हें हिरासत में लेकर दबतोरी पुलिस चौकी ले आई। जहां पहुंचने पर एटीएस सब इंस्पेक्टर ने अपना आई कार्ड दिखाया और बताया कि वह एक मिशन पर यहां आए हैं। वह किसी की तलाश कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद फिर संग्रामपुर और लक्ष्मीपुर इलाके में लग गए। देर शाम तक टीम क्षेत्र में घूमती रही, लेकिन तब तक टीम को कुछ सफलता हाथ नहीं लगी।
क्षेत्र में किसी संदिग्ध के होने का अनुमान
बिसौली इलाके में दिल्ली एटीएस के आने से अनुमान लगाया जा रहा है कि क्षेत्र में कोई संदिग्ध जरूर है। ये टीम पिछले दो-तीन दिन से इलाके में देखी जा रही थी। पुलिस को इसकी लोकेशन भी मिल रही थी। इससे पुलिस भी अलर्ट थी, लेकिन टीम किसकी तलाश में आई है अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। इंस्पेक्टर ने जल्द बड़ा खुलासा करने का दावा किया है।
एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड के आने की सूचना दो तीन दिन से मिल रही थी। हमें नहीं पता था कि ये टीम है। हम तो संदिग्ध समझकर चौकी ले गए थे। बाद में उन्हें जाने दिया गया। उन्हें बताया गया कि जहां आवश्यकता पड़े, हमें फोन कर दें, तुरंत पुलिस टीम पहुंच जाएगी। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। - बृजकिशोर, चौकी इंचार्ज दबतोरी