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बदायूं : टेंपो को ओवरटेक करने पर खड़ी बस में घुसी कार, चार लोगों की मौत

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बदायूं में बुधवार को हुए सड़क हादसे में कार में फंसे लोगों को निकालते पुलिस कर्मी। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। दिल्ली-बदायूं हाईवे पर मुजरिया थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। टेंपो से ओवरटेक करने पर एक कार सड़क किनारे खराब खड़ी रोडवेज बस में पीछे से जा घुसी। इसमें कार ड्राइवर सिविल लाइंस निवासी प्रवेश (30), हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव जमालपुर निवासी बलवीर (42), टपल्लू (45) और उसहैत के खेड़ा जलालपुर निवासी दुर्वेश (26) की मौत हो गई। जबकि सात लोग गंभीर रूप से और पांच आंशिक तौर पर घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, वहां से तीन लोगों को बरेली रेफर कर दिया गया।
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ईको कार में दस लोग सवार थे। सभी लोग दिल्ली में चरखी दादरी में मजदूरी कर रहे थे। बुधवार दोपहर सभी होली पर किराये की कार से घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार बदायूं-दिल्ली हाईवे पर मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव मटकुली के नजदीक पहुंची ही थी। तभी कार ड्राइवर ने आगे चल रहे टेंपो से ओवरटेक करने की कोशिश की। ऐसे में कार अनियंत्रित होकर टेंपो से टकराते हुए सड़क किनारे खराब खड़ी रोडवेज बस के पीछे धुस गई। इस हादसे में कार ड्राइवर प्रवेश, हजरतपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर निवासी बलवीर और टपल्लू की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसहैत क्षेत्र के खेड़ा जलालपुर निवासी सर्वेंद्र, उनकी पत्नी पूजा, भाई धर्मेंद्र, पुष्पेंद्र व मुकेश, उसहैत के शिंभूनगला निवासी हरभजन सिंह, उसहैत के खेड़ा जलालपुर निवासी दुर्वेश (26) और उसकी पत्नी कन्यावती गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें दुर्वेश ने जिला अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हरभजन सिंह, सर्वेंद्र और कन्यावती को बरेली रेफर किया गया है। हादसे के दौरान टेंपो भी पलट गया। इसमें अलीगढ़ के छतारी
निवासी संदीप समेत पांच लोग मामूली रूप से घायल हो गए। यह लोग मुजरिया में ही उपचार कराकर अपने घर चले गए।
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तेज रफ्तार थी कार, टेंपो को किया ओवरटेक और घुस गई खड़ी बस में
बदायूं। दिल्ली-बदायूं हाईवे पर मुजरिया इलाके में हादसे के दौरान ईको कार की रफ्तार काफी तेज थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार के ड्राइवर प्रवेश ने टेंपो को तो ओवरटेक कर लिया पर बाद में गति नियंत्रित नहीं कर सका और खड़ी बस में जा घुसा, इसी दौरान टेंपो भी कार से जा टकराया और बड़ा हादसा हो गया।
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लोगों का कहना है कि हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के परखचे उड़ गए। आगे बैठे सभी लोग कार में फंस गए। उन्हें निकालने के लिए पुलिस को काफी दिक्कत हुई। आगे बैठे लोगों को तो कार काटकर निकाला गया।
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परिवार का मुखिया था दुर्वेश, मजदूरी से चला रहा था घर
उसहैत थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा जलालपुर निवासी दुर्वेश तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके नाम जमीन नहीं है लेकिन वह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। करीब दो साल पहले उसकी जमालपुर निवासी कन्यावती से शादी हुई थी। कन्यावती चार माह की गर्भवती है। वह भी दुर्वेश के साथ रहकर दादरी में काम कर रही थी। दुर्वेश की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके घर में अब कमाने वाला नहीं है।
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अनाथ हो गई बलवीर की बेटी
हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव जमालपुर निवासी बलवीर अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। उनके नाम जमीन नहीं है। वह भी मजदूरी करके अपना परिवार चला रहे थे। उनकी पांच वर्षीय बेटी है। पिछले साल पत्नी की मौत हो चुकी है। अब बलवीर की मौत से उनकी बेटी अकेली रह गई है।
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टपल्लू का बड़ा परिवार, बच्चे बेसहारा हो गए
जमालपुर गांव के रहने वाले टपल्लू पांच भाइयों में चौथे नंबर के थे। उनके चार बेटी और दो बेटे हैं। कहने को उनका परिवार काफी बड़ा है लेकिन बच्चों की जिम्मेदारी टपल्लू पर थी। टपल्लू जो मजदूरी करते थे, उसी से परिवार का खर्चा चल रहा था। बच्चे इतने बड़े नहीं है कि वह खुद कमा कर खा सकें। इससे उनके बच्चे भी बेसहारा हो गए हैं। हालांकि उनके भाइयों ने परिवार का साथ देने को कहा है। उन्होंने कहा कि वह टपल्लू के बच्चों को कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे।
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बांटने आ रहे थे खुशियां, रोता-बिलखता छोड़ गए परिवार
मरने वालों की जेबों में निकले रुपये, पुलिस को सौंपे
उमेश राठौर
बदायूं। ग्रामीण इलाकों में आज भी त्योहार के दिन परिवार किसी सदस्य को बाहर जाने की अनुमति नहीं देता। इसके पीछे धारणा यह है कि त्योहार ठीक रहे लेकिन इस हादसे में एक साथ चार परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। परिवार में खुशियां बांटने आ रहे चार लोगों की मौत से उनके परिवारों में मातम छा गया।
जिले के करीब तीन लाख लोग दूसरे प्रांतों व जिलों में काम करके अपना परिवार चलाते हैं। खासकर दिल्ली में बदायूं जिले के लाखों लोग रहकर मजदूरी या प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। वह हर त्योहार पर अपने घर आते हैं और बाद में खुशियां मनाने के बाद वापस चले जाते हैं।
जमालपुर के बलवीर, टपल्लू और खेड़ा जलालपुर के दुर्वेश समेत अन्य लोग भी कई माह से दिल्ली में काम कर रहे थे। उन्होंने होली पर एक साथ घर लौटने का विचार बनाया था। अक्सर त्योहार पर दिल्ली-बदायूं रूट पर जेबकतरे, जहरखुरानी सक्रिय हो जाते हैं। इससे उन्होंने किराये के वाहन से लौटने की योजना बनाई। उन्हें लग रहा था कि वह समय से और सुरक्षित अपने घर पहुंचेंगे लेकिन यह क्या पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही थी। इस हादसे में घायल हरभजन सिंह के कपड़े जिला अस्पताल में चेक किए गए तो उससे करीब छह हजार, दुर्वेश की जेब में नौ हजार, कार के ड्राइवर की जेब से करीब 29 सौ रुपये निकले। पुलिस ने उन्हें कब्जे में ले लिया और शाम को उनके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया।
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हादसा मुजरिया थाना क्षेत्र में मटकुली के नजदीक हुआ। रोडवेज बस खराब खड़ी थी। कार दादरी से आ रही थी। एक टेंपो से ओवरटेक करने के दौरान कार बस के पीछे से टकरा गई, जिसमें ड्राइवर समेत चार लोगों की मौत हुई है। उनके शवों के पोस्टमार्टम कराए जा रहे हैं। इस संबंध में थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
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