तीन मौतों के बाद सील किया गया निजी अस्पताल। संवाद
- फोटो : BADAUN
बिसौली। शनिवार रात इलाज के दौरान गर्भ में पल रहे मासूम सहित लगातार तीन मौत होने के मामले में पुलिस ने आरोपी डॉक्टरों व स्टाफ के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इसके अलावा अस्पताल को सील भी कर दिया गया है।
शनिवार रात सांई विहार कॉलोनी स्थित लाइफ लाइन हेल्थ केयर अस्पताल में वजीरगंज की एक प्रसूता व पथरी के ऑपरेशन के दौरान एक नागरिक की मौत होने पर उनके परिवार वालों ने हंगामा किया था। हादसे के बाद आरोपी डॉक्टर व स्टाफ मौके से भाग गया था। सूचना पर सीओ विनय चौहान व कोतवाल ऋषिपाल सिंह मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जैसे तैसे परिवारों को समझाया।
रविवार को वीर बाबू की बगिया निवासी मृतक सुखवीर के भाई प्रेमवीर सिंह ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या व इंडियन मेडिकल एक्ट 1956 के तहत अस्पताल के स्टाफ पर मामला दर्ज कर लिया है। वजीरगंज की मृतका अर्चना पत्नी ज्ञानेंद्र के परिवार ने अब तक कोई तहरीर नहीं दी है। प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है।
-
नए अस्पताल और लैब की भरमार
दबतोरी रोड के इस अस्पताल में तीन मौतों और कार्रवाई के खौफ से नगर के कई कथित अस्पताल बंद रहे। सीओ विनय चौहान ने बताया कि मामले में जांच के बाद दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले को लेकर नागरिकों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि नगर में इन दिनों कई नए अस्पताल व अल्ट्रासाउंड सेंटर खुल गए हैं। इन अस्पतालों में अनुभवहीन स्टाफ व डिग्रीविहीन चिकित्सकों द्वारा इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं इलाज व अल्ट्रासाउंड के नाम पर मरीजों के परिवारों से जमकर लूटखसोट हो रही है। नागरिकों ने अधिकारियों से ऐसे अस्पतालों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की मांग की है।
---
गलत तरीके से संचालित होने वाले निजी नर्सिंग होम और झोलाछाप के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में संबंधित नर्सिंग होम सील करने के साथ एफआईआर भी कराई जा रही हैं। बिसौली में जिस निजी अस्पताल में लापरवाही के कारण लोगों की मौत की शिकायत मिली है वहां भी कार्रवाई की जा रही है।
-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ