दातागंज (बदायूं)। दातागंज विधायक के पड़ोसी सराफ को बेवजह थाने में बैठाकर प्रभारी कोतवाल और सिपाही ने पांच हजार की घूस लेली। विधायक के ब्लॉक प्रमुख बेटे की सिफारिश को भी दरकिनार कर दिया गया। एसएसपी ने शिकायत के बाद एसपी सिटी से जांच कराई तो सच सामने आ गया। एसपी सिटी के सामने पीड़ित से तहरीर लेकर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिख ली गई। इनका निलंबन भी तय है।
अस्तल निवासी प्रिंस गुप्ता बड़े सराफा व्यापारी हैं। उनके घर से थोड़ी दूरी पर ही दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह का आवास है। प्रिंस गुप्ता के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक बजे कोतवाली से फोन कर उन्हें बुलाया गया। वह पहुंचे तो बताया गया कि उनके खिलाफ कोई शिकायत है, जिसकी जांच की जानी है। प्रिंस के मुताबिक देर शाम तक उन्हें थाने में बैठाए रखा गया। तब उनके परिवार के लोगों ने विधायक आवास जाकर शिकायत की। उनकी पैरवी में विधायक के पुत्र दातागंज ब्लॉक प्रमुख अतेंद्र विक्रम सिंह ने आवास पर देखभाल करने वाले पप्पू गुर्जर को कोतवाली भेजा। वहां प्रभारी कोतवाल ओमपाल सिंह ने कहा कि सिपाही प्रभात सिंह से बात कर लो।
प्रिंस के मुताबिक सिपाही ने उनसे छोड़ने के बदले में दस हजार रुपये मांगे। कहा कि प्रभारी कोतवाल ने यह कहलवाया है। बाद में पांच हजार पर मान गया। पुलिस को पांच हजार रुपये दिए तो उन्हें छोड़ दिया गया। इस मामले की जानकारी उन्होंने घर लौटकर ब्लॉक प्रमुख अतेंद्र विक्रम को दी। मामला विधायक तक पहुंचा तो उन्होंने रात में ही एसएसपी संकल्प शर्मा को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। एसएसपी ने एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान को दातागंज कोतवाली भेजकर जांच कराई तो रुपये लेकर छोड़ने के आरोप प्रारंभिक तौर पर पुष्ट हो गए। एसपी सिटी ने प्रिंस को बुलाकर प्रभारी कोतवाल और सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी।
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लोकेशन गलत देने पर लाइन हाजिर हुए थे कोतवाल
दातागंज कोतवाली करीब पंद्रह दिन से चर्चा में है। तब कोर्ट मैरिज के बाद बयान देने आ रही युवती को आधी रात में पिता व भाइयों ने कोतवाली के पास ही काट डाला था। ऑनरकिलिंग के मामले में कोतवाल अजीत कुमार सिंह बाल बाल बचे थे। इसके बाद अधिकारियों को रात की लोकेशन की गलत सूचना देने में कोतवाल लाइन हाजिर हो गए। तब से बराही चौकी के प्रभारी ओमपाल सिंह यहां प्रभारी कोतवाल के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने सिपाही प्रभात के साथ मिलकर यह कारनामा कर दिया।
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जनप्रतिनिधि के माध्यम से दातागंज थाने के दरोगा व सिपाही के बारे में सूचना मिली थी। भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप था, इसलिए बिना देर किए एसपी सिटी को भेजकर जांच कराई गई। आरोप काफी हद तक सही लग रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने बताया कि आईजीआरएस पर शिकायत के निस्तारण को सराफ को बुलाया था पर रुपये लेकर छोड़ने की बात भी साफ हो रही है। इसलिए दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी है। इसी के आधार पर दोनों को निलंबित कर दिया जाएगा।
- संकल्प शर्मा, एसएसपी