बदायूं। जिले में बड़ी संख्या में अपात्रों को किसान सम्मान निधि दी रही है। अब तक की जांच में 1364 लोग अपात्र पाए गए हैं, जिनके खातों में सम्मान निधि भेजी जा चुकी है। इनके खाते लॉक करने के साथ वसूली की तैयारी की जा रही है। आगे जांच में अपात्रों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। काफी संख्या में ऐसे मामले भी हैं जिनमें सम्मान निधि की धनराशि दूसरों के खातों में जा रही है।
जिले में कुल 3.75 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दी जा रही है। इनके बैंक खातों में हर चौथे महीने दो हजार रुपये पहुंच जाते हैं। किसान सम्मान निधि पाने वालों में बड़ी संख्या में अपात्र शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने जनसेवा केंद्रों के जरिए किसान सम्मान निधि के लिए पंजीकरण कराया था। इनके सत्यापन का काम कृषि और राजस्व विभाग के बीच अटक गया। बिना सत्यापन के ही लोगों खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की रकम भेजी जाने लगी। फरवरी 2019 से अब तक कई बार इसको लेकर सवाल भी उठे।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के दो साल पूरे होने पर सरकार ने तकनीकी के जरिये इसकी पड़ताल शुरू कराई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सम्मान निधि वाले बैंक खातों को आधार और आयकर विभाग से लिंक किया गया। जांच में अब तक 1364 लोग पकड़ में आ चुके हैं जो पीएम किसान सम्मान निधि के लिए पात्र नहीं हैं, लेकिन उनके खातों में रकम भेजी जा रही थी। अपात्रों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की बात कही जा रही है। दरअसल, अभी सभी खाते लिंक नहीं हो सके हैं।
इन बिंदुओं पर की जा रही पड़ताल
आयकर दाता, मृतक किसान, गलत बैंक खाता, फर्जी आधार कार्ड, भूलेख आदि बिंदुओं पर सरकार की ओर से तकनीकी रूप से पड़ताल कराई जा रही है। अब तक कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें किसान सम्मान निधि पाने के लिए फर्जी आधार कार्ड के साथ फर्जी बैंक खाता भी खुलवाया गया है। भूलेख संबंधी फर्जी कागजात का इस्तेमाल किया गया है। दरअसल, कृषि और राजस्व विभाग के बीच समन्वय न होने का लाभ भी अपात्रों ने उठाया। इन दो साल में कृषि विभाग कई बार सम्मान निधि पाने वालों के सत्यापन के लिए राजस्व विभाग को लिख चुका था, लेकिन विभाग आज तक सत्यापन का काम पूरा नहीं कर सका।
एक ही परिवार के कई लोगों को मिल रही सम्मान निधि
नियमानुसार लघु और सीमांत किसान के एक परिवार में एक ही व्यक्ति को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल सकता है, लेकिन जिले में अब तक करीब चार सौ ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें एक ही परिवार में कई लोग किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। इन लोगों के खातों को भी लॉक कर दिया गया है। फिलहाल सम्मान निधि लेने वालों की कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद सभी से किसान सम्मान निधि की रकम की वसूली की जाएगी। गलत तरीके से सम्मान निधि ले रहे अपात्रों को कृषि विभाग ने नोटिस भेजने का काम शुरू कर दिया है।
बगैर आवेदन बैंक खाते में पहुंच रही सम्मान निधि
मैंने कभी किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन नहीं किया। इसके बाद भी मेरे बैंक खाते में सम्मान निधि आ रही थी। कई बार इस बारे में संबंधित अधिकारियों को भी बताया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब रिकवरी की बात की जा रही है। यह अधिकारियों की गलती से हुआ है। मैं धनराशि वापस नहीं करूंगा।- रुकशाद, किसान कादरबाड़ी
मजदूरों से वसूली की तो कहां जाएंगे
काफी संख्या में गांव में ऐसे लोग हैं जिनके पास जमीन नहीं है। मजदूरी करके परिवार पालने वाले ग्रामीणों से अगर वसूली की जाएगी तो वे रुपये जमा कहां से करेंगे। जो कुछ हुआ है वो अधिकारियों की गलती से हुआ है। अब अपनी गलती छिपाने के लिए मजदूरों को दोषी बनाने की कोशिश की जा रही है। - राजू मोहम्मद, कादरचौक
पीएम किसान सम्मान निधि मामले में कई बिंदुओं पर तकनीकी पड़ताल चल रही है। अब तक जिले में करीब तेरह सौ से ज्यादा अपात्र पकड़ में आ चुके हैं। इनकी संख्या और बढ़ सकती है। कई ऐसे मामले भी हैं जिनमें एक ही परिवार में कई लोग किसान सम्मान निधि ले रहे थे। सभी अपात्रों से सम्मान निधि की वसूली की जाएगी। फिलहाल जांच चल रही है। - रामवीर कटारा, उप निदेशक कृषि