बदायूं। साढ़े पांच साल पहले घर में घुसकर हत्या करने के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने चार आरोपियों को मुजरिम ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 53 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव बुर्रा फरीदपुर निवासी सर्वेश ने तीन अक्तूबर 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक गांव का गोविंद पुरानी रंजिश के चलते अक्सर सर्वेश और उनके परिवार को गालीगलौज करके मारने की धमकी देता था। घटना वाले दिन गोविंद अपने साथी सतीश, जगऊ, और कालीचरन के साथ उनके घर में घुस आया। गोविंद और उसके साथियों ने गालीगलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने सर्वेश के भाई प्रमोद को गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना।। कोर्ट ने गोविंद, सतीश, जगऊ और कालीचरन को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 53 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।