फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधानी दरकिनार, बसों की भीड़ में दिल्ली से आ रहा कोरोना संक्रमण

विज्ञापन
रोडवेज बस में यात्रा करते यात्री, यहां कई लोगों ने नहीं लगाए हैं मास्क। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
बदायूं। जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। इसका एक कारण दूसरे जिलों और प्रदेशों से आने वाले यात्री भी हैं। ट्रेसिंग में अब तक जो भी मामले सामने आए हैं उनमें सबसे ज्यादा दिल्ली और दूसरे जिलों से जुड़े निकल रहे हैं।
विज्ञापन

दिल्ली समेत आसपास के जिलों से बदायूं में रोजाना 250 से ज्यादा बसों का आना-जाना होता है लेकिन सभी यात्रियों की जांच नहीं हो पाती। यात्री भी लापरवाही करते हैं। मास्क और दो गज की दूरी का कोई पालन नहीं करता। ऐेसे में संक्रमित बढ़ रहे हैं।
रविवार को जिले में 18 नए रोगी मिलने के बाद सक्रिय रोगियों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है। दिल्ली से रोजाना करीब 200 बसें आती-जाती हैं। दिल्ली में संक्रमण की स्थिति बेहद खराब है। इस दौरान वहां से लौटने वालों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। इसके साथ ही जिले में भी कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा है। स्थानीय स्तर पर हालात लगातार खराब हो रहे हैं। बदायूं से रोज दिल्ली जाने और वहां से आने वाले सभी लोगों के सैंपल नहीं लिए जा पा रहे।
विज्ञापन

शनिवार को जिले में इस सीजन के सबसे ज्यादा एक दिन में 19 संक्रमित मिले थे। इनकी ट्रेसिंग की गई तो 180 ऐसे लोग मिले जो संक्रमितों के किसी न किसी तरह से संपर्क में आए थे।
संक्रमितों की ट्रेसिंग के दौरान यह भी सामने आया है कि संक्रमण का शिकार लोगों में करीब 70 फीसदी ऐसे थे जो किसी न किसी तरह से दिल्ली, मुंबई या फिर दूसरे जिलों से आए थे या फिर वहां से आने वाले किसी संक्रमित के संपर्क में थे।
यहां बता दें कि ऐसे संक्रमितों की संख्या भी कम नहीं है जिनका सैंपल दूसरे जिले में बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन पर लिया गया था और उनकी रिपोर्ट बदायूं आने के बाद पॉजिटिव आई। ट्रेसिंग के सबसे ज्यादा तार दिल्ली से जुड़ रहे हैं।
-
रोडवेज बसों को नहीं कराया जा रहा सैनिटाइज
परिवहन निगम मुख्यालय की ओर से अब तक रोडवेज बसों को सैनिटाइज कराने का काम भी चालू नहीं हुआ है। बदायूं डिपो की रोज करीब 70 बसें दिल्ली जाती और वहां से वापस आती हैं। रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की सैंपल तो लिए जा रहे हैं, लेकिन बसों में सफर करने वाले सभी यात्रियों के सैंपल नहीं लिए जा पा रहे हैं। कई बार दिल्ली जाने वाले का सैंपल लिया जाता है जब वह यात्री दिल्ली चला जाता है तब उसकी जांच रिपोर्ट आती है। इसी तरह से दिल्ली की ओर से बदायूं आने वालों के मामलों में भी ऐसा होता है। जब तक जांच रिपोर्ट आती है तब तक संक्रमित कई लोगों के संपर्क में आ चुका होता है। ऐसे में रोडवेज बसों में गाइड लाइन का पालन न होना भी संक्रमण बढ़ने का खतरा बन रहा है। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता का कहना है कि ज्यादातर मामलों में संक्रमित के तार दूसरे जिलों और प्रदेशों से जुड़े निकल रहे हैं।
-
रोडवेज चालकों और परिचालकों को निर्देशित किया गया है कि यात्रियों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराएं। यात्रियों को भी मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। बदायूं डिपो के पास बसों को सैनिटाइज कराने की पूरी तैयारी है। मुख्यालय से अब तक इस संबंध में आदेश नहीं आया है।
विज्ञापन

- लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें