बदायूं। गौरी शंकर मंदिर से उसावां जाने वाले करीब एक किलोमीटर के टूटे हुए रोड से स्थानीय लोगों के अलावा राहगीरों को भी काफी परेशानी होती है। हालत यह हैं कि पानी निकासी के लिए नाला नहीं होने के कारण कुछ गलियों में जलभराव जैसी स्थिति पैदा हो गई है तो कुछ के घरों के पास में खाली पड़े प्लॉट में अभी घरों का गंदा पानी जा रहा हैं, जिसकी वजह से संक्रामक रोग भी फैल सकते है।
पिछले दस सालों की बात करें तो शहर में लगातार आबादी बढ़ती जा रही है, और नई-नई कॉलोनी बन रही हैं, लेकिन यहां पर रहने वालों को पालिका की ओर से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है।
बदायूं से उसावां जाने वाले रोड किनारे बसी कॉलोनियों में न तो सड़क ठीक है और न ही जलनिकासी के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं। गौरी शंकर मंदिर के पास बसा बालाजी नगर, न्यू आदर्श कृष्णा नगर आदि कॉलोनी हैं। इन कॉलोनी का पानी घरों से निकलने के बाद में सीधे हाईवे पर जाता था। इसकी वजह से हाईवे पर जलभराव की समस्या हो गई है। ऐसे में कुछ लोगों ने कॉलोनियों का पानी खाली पड़े तालाबनुमा प्लॉट में छोड़ दिया। इससे प्लॉट में जलभराव जैसी स्थिति पैदा हो गई है। हालात ये है जिन घरों के पास में ये प्लॉट हैं, उनकी दीवारों पर सीलन आने लगी है। गंदगी और जलभराव होने की वजह से वहां पर संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
इसको लेकर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मुलाकात की और अपनी समस्या के बारे में बताया, लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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ईंटे रखकर निकल रहे लोग
गौरी शंकर मंदिर के पास में कुछ मोहल्लों की गलियां तो ऐसी हैं, जहां पर साल के 12 महीने घरों के आगे जलभराव रहता है। इसकी वजह से लोगों को आने जाने में काफी दिक्कत होती है। सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के दिनों में होती है। बरसात के दिनों में हालत बिल्कुल बदल जाती है, क्योंकि घर से बाहर पानी निकलने की जगह सड़कों का गंदा पानी घरों में घुस जाता है।
मेन रोड पर नाला बनने के बाद हाईवे किनारे की कॉलोनियों को फायदा होगा। कॉलोनियों से निकलने वाला पानी नाले के माध्यम से बह जाएगा और जलभराव व कीचड़ की समस्या समाप्त हो जाएगी।
-अमर सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग