बदायूं। शहर पूरा शहर अतिक्रमण की गिरफ्त में हैं। शहर से होकर गुजर रहे हाईवे किनारे तमाम स्थानों पर वर्कशॉप (मैकेनिकों की दुकानें) चल रहे हैं। रोड पर रेता, बजरी का कारोबार चल रहा है। इससे दिन में जाम की समस्या रहती है। कई जगह स्ट्रीट लाइटें खराब होने से रात को अंधेरा रहता है। रात को दुकानें तो बंद हो जाती हैं, लेकिन खराब वाहन, कई मशीनें रोड पर खड़ी रहती हैं। इससे रात को हादसा होने का खतरा है।
शहर में बरेली-मथुरा और मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे खेड़ा नवादा पर मिलते हैं। पुलिस लाइन चौराहा से ओवरब्रिज होते हुए मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे गुजरता है। वहीं पुलिस लाइन से जेल तिराहा, लालपुल होते हुए बरेली-मथुरा हाईवे निकल रहा है। बरेली-मथुरा हाईवे में बहेड़ी मोड़ के पास बदायूं-बिजनौर हाईवे मिलता है। इसके अलावा इन हाईवे से कई जिला और तहसील मार्ग भी जुड़ते हैं। ऐसे में हाईवे पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। शहर में खेड़ा नवादा से दातागंज तिराहा तक हाईवे पर दोनों ओर तमाम वर्कशॉप चलते हैं। ट्रॉली बनाने का काम हो या फिर मेंथा प्लांट के टैंक बनाने का काम, सब हाईवे किनारे फुटपाथ पर ही होता है। इसके अलावा कई स्थानों पर अन्य लोगों ने भी हाईवे किनारे कब्जा कर दिया है। चामुंडा चौक से लालपुल तक भी ऐसा ही हाल है। सैकड़ की संख्या में वाहन रिपेयरिंग की दुकानें, कार बाजार, अवैध पार्किंग हाईवे किनारे चल रहे हैं। इस कारण हाईवे संकरे हो गए हैं और अक्सर हादसों में लोगों की जान जाती रहती है। जाम तो यहां आम बात है।
बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानें बनीं बड़ा खतरा
शहर में हाईवे किनारे तमाम स्थानों पर बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानें भी चल रही हैं। हाईवे के फुटपाथ पर दुकानदारों ने रोता, बजरी, बदरपुर डालकर कब्जा कर रखा है। हाल ही में एक बाइक सवार की हाईवे किनारे लगे रेता के ढेर में बाइक घुसने से मौत हो चुकी है। इन दिनों नगर पालिका प्रशासन की ओर से होर्डिंग्स हटाने का काम तो जोर-शोर से किया जा रहा है, लेकिन हाईवे किनारे चल रहे वर्कशॉप और किए गए अतिक्रमण की ओर अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा।
कई स्थानों पर रहता है रात को अंधेरा
यूं तो शहर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था ठीकठाक है। इसके बाद भी तमाम स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण रात में घुप अंधेरा हो जाता है। सर्दियों का सीजन शुरू होने के साथ धुंध छाने लगी है। आने वाले दिनों में भयंकर कोहरा का प्रकोप होने से दृश्यता काफी कम हो जाएगी। बरेली और मुरादाबाद की ओर से आने वाले वाहनों को दास कॉलेज के बाद शहर में हाईवे का कम दृश्यता के कारण अंदाजा होने में दिक्कत ही नहीं होगा। ऐसे में हादसे बढ़ने की संभावना है। दरअसल, दास कॉलेज तक तो दोनों हाईवे की चौड़ाई ठीक है, लेकिन इसके आगे जैसे-जैसे शहर की ओर बढ़ते हैं अतिक्रमण के कारण हाईवे संकरा होता चला जाता है।
शहर में अतिक्रमण किसी भी तरह का हो, उसे हटाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। फिलहाल होर्डिंग और यूनिपोल हटाए जा रहे हैं। हम शहर में हाईवे पर हो रहे अतिक्रमण को भी चिह्नित कराएंगे। इसके साथ ही बड़ा अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। - अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट