बदायूं। सुंदरीकरण के नाम पर लाखों का बजट खर्च कर इंदिरा चौक से एसके इंटर कॉलेज के बीच बनाए जा रहे डिवाइडर निर्माण सुरक्षित यातायात के लिए एक बेहतर कदम है। लेकिन यातायात नजरअंदाज कर कराए जा रहे निर्माण से लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि डिवाइडर निर्माण से पहले सड़क की चौड़ाई समेत तमाम मानकों को देख लिया जाना चाहिए था, जिससे जाम की स्थिति पैदा नहीं होती।
इस रोड पर कई बैंकों के साथ-साथ प्लाजा, होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल, निजी नर्सिंग होम और पेट्रोल पंप भी हैं। पार्किंग की आस-पास कोई व्यवस्था नहीं है। ऊपर से पूरा दिन सीएनजी पंप पर वाहनों की कतार रहती हैं। इस ओर ध्यान न दिए जाने से सड़क संकरी हो गई है।
यहां बता दें इंदिरा चौक से एसके कॉलेज तक सड़क पहले से ही संकरी है। पिछले कुछ वर्ष से इस रोड के साथ ही स्टेशन और मालगोदाम रोड भी फूड प्लाजा के रूप में विकसित हो रहे हैं। इसके अलावा यहां आस-पास कई कोचिंग इंस्टीट्यूट भी हैं। रोड के दोनों ओर कई घनी आबादी की गलियां भी जुड़ती हैं। बेहद व्यस्त इस रोड पर बिना सड़क चौड़ी करे ही डिवाइडर बनाया जाना शुरू कर दिया गया है। अगर आसपास सड़क पर अतिक्रमण को भी देख लिया जाता और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाती तो स्थिति और अच्छी होती।
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डिवाइडर निर्माण में मानक कर दिए दरकिनार
डिवाइडर निर्माण करीब तीन महीने पहले शुरू किया गया था। कार्यदायी संस्था ने पहले तो सरियों का जाल लगाकर छोड़ दिया। यह सरियां भी मानक के अनुरूप नहीं थीं। एक महीने तक आड़ी तिरछी सरियों का जाल लोगों को लहूलुहान करता रहा। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया तो आनन-फानन में डिवाइडर का निर्माण चालू करा दिया गया। करीब 15 दिन से डिवाइडर का निर्माण चल रहा है लेकिन इसके आसपास किए गए अतिक्रमण को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
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सीएनजी पंप पर पूरे दिन वाहनों का जमावड़ा बढ़ा रहा मुसीबत
इंद्राचौक से एसके इंटर कॉलेज रोड पर ही पेट्रोल पंप पर सीएनजी की सुविधा है। इस वजह से यहां पूरे दिन वाहनों की कतार लगी रहती है। इससे पेट्रोल पंप के बाहरी हिस्से में भी वाहन खड़े रहते हैं। इससे भी अक्सर जाम की समस्या बनती है और लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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लोगों ने कहा-जिम्मेदार डिवाइडर तो बनाएं पर अन्य मानक भी देखें
इंदिरा चौक से एसके कॉलेज तक का इलाका शहर के पॉश इलाकों में आता है। इस रोड पर काफी संख्या में निजी और सरकारी संस्थान हैं। मॉल, प्लाजा, होटल, कोचिंग की भी कमी नहीं है। रोड की चौड़ाई बेहद कम है। दोनों ओर फुटपाथ बचा ही नहीं है। जरूरी है कि इस दिशा में भी काम हो।
-अजय शर्मा, दवा व्यापारी
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सुंदरीकरण के नाम पर इंदिरा चौक से एसके कॉलेज के बीच डिवाइडर निर्माण से पहले जरूरी था कि इलाके की स्थिति, सड़क की चौड़ाई, सड़क के दोनों ओर फुटपाथ और आस-पास पार्किंग की व्यवस्था के बारे में भी सर्वे कर लिया जाता।
-विनोद रस्तोगी, आईटी व्यापारी
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इंदिरा चौक से एसके कॉलेज तक सड़क पहले से संकरी है। भारी वाहनों का इस रोड पर ज्यादा आना नहीं होता। दो और चार पहिया वाहनों का दबाव रहता है। काफी व्यस्त इलाका होने के बावजूद डिवाइडर निर्माण से पहले यहां इस तरह का जाम कभी नहीं लगता था। अब स्थिति खराब है। जरूरी था कि निर्माण से पहले सड़क को चौड़ा करने की दिशा में भी काम होता।
-रूपेश चौबे, स्टेशनरी व्यापारी
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करीब चार महीने हो चुके हैं, इससे पहले यहां जाम नहीं लगता था। डिवाइडर बनाया जा रहा है यह ठीक है, लेकिन पहले मानक भी देखे जाने चाहिए थे। जरूरी था कि नगर पालिका और जिम्मेदार डिवाइडर का निर्माण करने से पहले यहां अतिक्रमण को ओर भी नजर डाल लेते।
-संजय गुप्ता, पेंट व्यापारी
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इंतजार कीजिए..सब ठीक हो जाएगा : चेयरमैन
चेयरमैन दीपमाला गोयल का कहना है कि इस रोड पर डिवाइडर बनवाने से पहले फुटपाथ हटाया गया है जिस पर अनाधिकृत तौर पर कब्जे किए गए थे। अब बिजली के पोल आदि की शिफ्टिंग का काम बचा है। सड़क को नाली तक चौड़ा कर दिया गया है। पोल की आड़ में बचाखुचा अतिक्रमण भी जल्दी ही हटा दिया जाएगा। इसके बाद रोड पर कोई अव्यवस्था नहीं रहेगी।
डिवाइडर के दूसरी ओर आधी सड़क घेरे खड़ीं बाइक। संवाद- फोटो : BADAUN