कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर शेखूपुर चीनी मिल के जीएम, जिला गन्ना अधिकारी से बात करते सिटी मजि
- फोटो : BADAUN
बदायूं। शेखूपुर चीनी मिल के रिटायर्ड कर्मचारियों का देयकों के भुगतान की मांग को लेकर 78 दिन से मालवीय आवास पर चल रहा धरना बुधवार को खत्म हो गया। सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार, मिल के जीएम राजीव रस्तोगी ने मिल कर्मचारियों से बात की। उनको भरोसा दिया कि 30 सितंबर तक फंड का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद मिल कर्मचारी धरना खत्म करने को राजी हो गए, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि तय समय में भुगतान न होने पर वे फिर धरना शुरू कर देंगे।
शेखूपुर चीनी मिल के सितंबर 2017 के बाद सेवानिवृत्त हुए 205 कर्मचारियों में अब तक केवल 71 कर्मचारियों को फंड समेत उनके अन्य देयकों का भुगतान हो सका है। अन्य कर्मचारी भुगतान की मांग को लेकर आंदोलित थे। भुगतान की मांग को लेकर 23 जून से कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया था। इस दौरान धीर सिंह नाम के एक रिटायर्ड कर्मचारी की आर्थिक तंगी के कारण इलाज के अभाव में मौत हो गई। दो दिन पहले रूपराम नाम के रिटायर्ड कर्मचारी की हालत बिगड़ने पर उसे भी बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कर्मचारियों के दर्द को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने शेखूपुर चीनी मिल के जीएम राजीव रस्तोगी और धरने पर बैठे कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर बात की। दोनों पक्षों में तय हुआ कि 30 सितंबर तक कर्मचारियों के फंड का भुगतान कर दिया जाएगा। कर्मचारियों ने इसके बाद धरना खत्म कर दिया। हालांकि, तय समय में भुगतान न होने पर फिर से धरना शुरू करने की चेतावनी दी।
इस मौके पर मुन्नालाल, विनोद सिंह, शरीफ, राम प्रकाश अतीक, सियाराम, धर्मपाल आदि रहे। संवाद