उझानी (बदायूं)। नए आधार कार्ड बनवाने के लिए आवेदकों को जेब हल्की कराने से लेकर तमाम तरह की दिक्कतें हो रही हैं। आधार कार्ड बनाने वाले सेंटरों पर उन्हीं आवेदकों का पंजीकरण हो पाता है, जो संचालकों की हर शर्त मान लेते हैं।
बैंक खातों से लेकर पढ़ाई या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड होना आवश्यक है। नए आधार कार्ड बनवाने के लिए दो-तीन बैंक और डाकघर के अलावा उझानी में दो सेंटर तय किए गए हैं। शुक्रवार को एक बैंक के गेट पर बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए इंतजार में खड़े अब्दुल्लागंज निवासी निहालुद्दीन और सोनू कश्यप मौजूद थे। उनका कहना था कि बैंक के बाहर दो घंटे तक खड़े रहने के बाद भी पंजीकरण का नंबर नहीं आया। रिसौली निवासी मंगलीराम शर्मा के मुताबिक उन्हें अपने नाती का आधार कार्ड बनवाना था। उनसे केंद्र संचालक ने रुपये मांगे। इसका विरोध करने पर टरकाने का प्रयास किया। मामला शाखा प्रबंधक तक पहुंच गया। काफी हीलाहवाली के बाद बच्चे का पंजीकरण किया गया। नटनगला निवासी हरीओम ने बताया कि मार्केट में एक सेंटर संचालक ने तीन सौ रुपये लेने के बाद ही आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की।
सिर्फ संशोधन कराने पर है शुल्क
आधार कार्ड में अगर किसी मोबाइल नंबर, पता, जन्मतिथि या फिर नाम गलत हैं तो उसे संशोधन कराने के लिए भी सेंटर हैं। ऐसा भी नहीं जहां नए आधार कार्ड बन रहो हों, उन सभी जगहों पर संशोधन किया जाता हो। पुराने आधार कार्ड में विसंगितयों को दुरस्त कराने के लिए शुल्क निर्धारित है लेकिन नए आधार कार्ड पर शसन स्तर से कोई शुल्क लागू नहीं किया गया है।
अपने तीनों बच्चों के नए आधार कार्ड बनवाने के लिए सुबह एक बैंक में पहुंचा तो इंतजार करने के लिए कह दिया गया। दोपहर तक नंबर नहीं आया तो बताया गया कि प्रति बच्चा डेढ़ सौ रुपये जमा करा दो, पंजीकरण हो जाएगा। पहले तो दो-दो सौ रुपये मांगे गए थे। - मोरपाल, संजरपुर
रिश्तेदार के बच्चे का नया आधार कार्ड बनवाने के लिए दो दिन से बैंक के चक्कर काट रहा हूं। बिना रुपये के आधार कार्ड नहीं बनाए जाते। लोगों को मजबूरी में आर्थिक शोषण कराना पड़ रहा है। आधार कार्ड के लिए ग्राम स्तर पर सार्वजनिक कैंप लगाए जाने चाहिए। - अमन, वाराचिर्रा