बिल्सी (बदायूं)। क्षेत्र के गांव हैवतपुर में बृहस्पतिवार शाम नामकरण संस्कार समारोह में दावत खाने के बाद 55 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उल्टी- दस्त होने के साथ पेट दर्द की शिकायत थी। रात में ही सभी को वहीं निजी चिकित्सकों के पास ले जाया गया। जहां इलाज के बाद ज्यादातर ठीक हो गए।
बिल्सी इलाके के हैवतपुर निवासी धर्मेंद्र शर्मा के यहां बेटे का जन्म हुआ था। बृहस्पतिवार को बच्चे का नामकरण हुआ, जिसकी शाम को दावत दावत हुई थी। दावत में हैवतपुर के अलावा आसपास गांवों के तीन सौ से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था। ग्रामीणों के मुताबिक दावत खाने के चार-पांच घंटे बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। इनमें ज्यादातर लोगों को पेट में दर्द होने के साथ उल्टी-दस्त शुरू हो गए। धीरे-धीरे बीमार होने वालों की संख्या 55 तक पहुंच गई। सभी फूड प्वॉइजनिंग का शिकार हुए थे। परिजन रात में ही मरीजों को वहीं गांव के निजी चिकित्सकों के पास ले गए। हालांकि इलाज होने पर शुक्रवार सुबह तक लगभग सभी लोग पूरी तरह स्वस्थ हो गए।
नहीं पहुंची स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम
बिल्सी। हैवतपुर गांव में 55 लोगों के बीमार होने के बावजूद शुक्रवार देर शाम तक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम नहीं पहुंची। हालांकि सीओ के निर्देश पर बिल्सी पुलिस ने गांव में जाकर छानबीन की। ग्रामीणों को शक है कि दावत में बना पनीर मिलावटी होगा, जिसे खाने से लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए।
दावत खाने के बाद 55 लोगों के बीमार होने की सूचना किसी ग्रामीण ने सीओ अनिरुद्ध सिंह को दे दी। सीओ के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी धीरज सिंह ने पुलिस टीम को हैवतपुर गांव जाकर मामले की जानकारी ली। बीमार हुए सभी लोगों के ठीक का पता चलने पर बातचीत करने के बाद पुलिस टीम लौट गई। उधर, इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना रहा। पूरे इलाके में चर्चा होने के बावजूद शुक्रवार देर शाम तक स्वास्थ्य विभाग की टीम हैवतपुर गांव नहीं पहुंची। खाद्य सुरक्षा विभाग वाले भी नहीं पहुंचे।
इधर, बीमार हुए अधिकांश लोगों ने बताया कि उन्होंने दावत में पनीर की सब्जी ज्यादा खाई थी। इससे उनकी तबीयत बिगड़ी होगी। लोगों का कहना है कि आजकल पनीर में काफी मिलावट की जा रही है।
मेरी जानकारी में क्षेत्र में फूड प्वाइजनिंग का कोई मामला नहीं आया है। ऐसा हुआ होगा तो लोगों ने निजी तौर पर उपचार करा लिया होगा। फिर भी मामले की जानकारी कराते हैं। - डॉ. गौरव वर्मा, सीएचसी प्रभारी बिल्सी