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खाद घोटाला: संभल जिला प्रशासन ने हाथ खींचे, दर्ज नहीं की एफआईआर

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बदायूं। जिले के खाद घोटाले के मामले में जिस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था आखिरकार वही हुआ। बदायूं जिला प्रशासन ने घोटाला स्वीकारते हुए दावा किया था कि इस मामले की एफआईआर संभल जिले में होगी लेकिन संभल जिला प्रशासन को ऐसी कोई जानकारी नहीं है। उन्हें ये तक पता नहीं है कि उनके यहां का कोई खाद का ट्रक गायब हुआ था। इससे ये मामला और ज्यादा पेचीदा हो गया है तो वहीं अब माना जा रहा है इसका फायदा जिले में सक्रिय माफिया जमकर उठा रहे हैं और आगे भी उठायेंगे।
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बीते 20 अगस्त को जिले से दो ट्रक खाद गायब कर दी गई थी। दोनों ट्रक इफको आंवला से रवाना हुए थे। उनमें एक ट्रक चंदौसी के लिए जाना था। जबकि दूसरा ट्रक बिसौली इलाके के बेहटा पाठक के लिए रवाना हुआ था। चंदौसी जाने वाला ट्रक कहां गया। इसका अभी तक कुछ पता नहीं चला है लेकिन जो ट्रक बेहटा पाठक के लिए रवाना हुआ था। उसकी खाद चंदौसी में उतारी गई थी। उस ट्रक का बिल और ट्रक का वीडियो भी वायरल हुआ था। इससे खाद माफिया में हड़कंप मच गया था। चूंकि ट्रक बेहटा पाठक के लिए आना था, इस पर डीएम कुमार प्रशांत ने जांच कराई। बाद में उन्होंने दावा किया कि बेहटा पाठक पर खाद उतारी गई थी। कुछ खाद चंदौसी के लिए भी गई थी। बाकी दूसरा ट्रक संभल जिले का था। वही गायब हुआ था। इससे कार्रवाई भी संभल जिला प्रशासन को करानी चाहिए। उन्होंने जनपद स्तरीय कार्रवाई करते हुए परिवहन ठेकेदार का अनुबंध निरस्त करा दिया। बाकी उन्होंने कहा था कि परिवहन ठेकेदार के खिलाफ संभल जिले में एफआईआर दर्ज होगी। इसके लिए उन्होंने संभल डीएम को एक पत्र भी भेजा है लेकिन सूत्रों के मुताबिक संभल जिला प्रशासन ने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि संभल जिला प्रशासन घोटाले बाज माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहा है। इससे उनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है।
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