बदायूं। परिवहन निगम में इस समय चालकों की सख्त जरूरत है। इससे करीब 40 बसों का संचालन बंद है। बदायूं डिपो से जिन 20 युवाओं को प्रशिक्षण के लिए कानपुर भेजा गया था। उनमें केवल आठ चालक ही पास हुए हैं, जबकि 12 युवाओं को कोई न कोई कमी दिखाकर फेल कर दिया गया है। इससे परिवहन निगम में आठ चालकों की संख्या जरूर बढ़ी है, लेकिन इससे बसों का संचालन पटरी पर नहीं आ रहा है। बसों के चुनाव से लौटने के बावजूद भी संचालन प्रभावित रहेगा।
परिवहन निगम के पास 128 सरकारी और 43 अनुबंधित बसें हैं। अनुबंधित बसों पर चालकों की संख्या पर्याप्त है, लेकिन रोडवेज बसों के लिए चालक कम हैं। परिवहन निगम के पास 200 चालक हैं। अभी 70 चालकों की और जरूरत है। यह जरूरत पूरी न होने से 40 बसों का संचालन बंद है। करीब तीन माह से यह हालत बनी हुई है कि चालकों को लगातार बस चलानी पड़ रही है। उन्हें नियम के अनुसार विश्राम तक नहीं मिल रहा है। लंबे रूट पर दो चालकों की जरूरत होती है लेकिन इस समय केवल एक ही चालक भेजा जा रहा है। यह भी एक बड़ी समस्या है। इससे लंबे सफर में यात्रियों को खतरा बना रहता है।
इस लोकसभा चुनाव में 65 बसों को लगाया गया है। अभी यह बसें मतदान कराने को पुलिस बल और होमगार्डों को लेकर दूसरे जनपदों में गई हुई हैं। एक जून को आखिरी चरण का मतदान होगा। उसके बाद ही सभी बसें लौटकर आएंगी। इसके बावजूद सभी बसों का संचालन नहीं हो पाएगा। परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक करीब दो माह पहले 20 युवाओं को प्रशिक्षण के लिए कानपुर भेजा गया था। उनमें 12 युवा कम दृष्टि, ठीक से बस न चलाने पर बाहर निकाल दिए गए। केवल आठ युवा का ही चयन हुआ। उनमें भी चार युवाओं ने ड्यूटी ज्वाइन की है। बाकी चार युवा अभी नहीं आए हैं जबकि परिवहन निगम में एक-एक चालक की सख्त जरूरत है। ऐसे में वर्कशॉप में खड़ी 40 बसों का संचालन भी होना मुश्किल है।
एआरएम बोले- इच्छुक युवक जल्दी करें आवेदन
- एआरएम धणेंद्र कुमार चौबे ने बताया कि निगम को इस समय चालकों की सख्त जरूरत है। पिछले दिनों 20 युवाओं के आवेदन आए थे। उनमें आठ युवा ही चयनित हुए हैं। अभी कुछ दिन पहले भी भर्ती निकाली गई थी, लेकिन कोई आवेदन नहीं आया। इच्छुक युवक चाहें तो वह आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण के बाद उन्हें भर्ती कर लिया जाएगा।