प्यार करता था परिवार, इसलिए नहीं कराया पोस्टमार्टम
परिवार वाले छात्रा से बहुत प्यार करते थे। छात्रा सबका ध्यान रखती थी। घरेलू काम के बाद वह केवल पढ़ाई करती थी। इससे परिवार वालों को उससे कोई शिकायत नहीं थी। परिजन के अनुसार उसकी मौत के बाद वे पोस्टमार्टम से उसकी शरीर की दुर्गति नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने पोस्टमार्टम नहीं कराया और न ही पुलिस को इसकी सूचना दी।
कोरोना के कारण भी मानसिक बीमारियां बढ़ीं
बीते दो सालों में कोरोना काल के चलते मानसिक बीमारियों का प्रभाव कई गुना बढ़ गया है। इसका प्रमुख प्रभाव नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों पर हुआ है। स्कूल बंद होने के कारण उनकी पढ़ाई वैसे ही नहीं सुचारु रूप से नहीं चल पाई ऐसे में वे अभिभावकों के डर, साथियों के दबाव और भविष्य की अनिश्चितता के कारण अवसाद का शिकार हो गए। इसके साथ ही कम नंबर आने पर कई बच्चों के
आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचती है। उस पर भी यदि घर में अनुकूल वातावरण न हो तो और ज्यादा मुश्किल हो जाती है। इस घटना में भी संभवत: यही बात है। चार नंबर कम आने के कारण अवसाद में आकर छात्रा ने ऐसा कदम उठाया होगा।
- डॉ. नरवीर यादव, वरिष्ठ मनोचिकित्सक