बदायूं। जिले में ठंड का असर बढ़ते ही कफ और सर्दी की दवाओं की मांग अचानक बढ़ गई है। सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कफ सिरप के सैंपल औषधि विभाग की ओर से जांच के लिए भेजे जाने के बाद से मरीजों की नजर निजी मेडिकल स्टोरों पर टिक गई है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने तक जिला अस्पताल समेत सरकारी अस्पताल में सिरप का वितरण प्रभावित है, जिसका सीधा लाभ प्राइवेट दुकानदारों को मिल रहा है।
जिले के सरकारी अस्पताल में कफ सिरप का स्टॉक होने के बावजूद जांच लंबित रहने से वितरण बंद कर दिया गया है। इससे मरीजों को मजबूरी में निजी दुकानों से महंगे दामों पर सिरप खरीदना पड़ रहा है। इस बीच कई मेडिकल स्टोरों पर सामान्य दिनों की तुलना में कफ सिरप की बिक्री में तेजी दर्ज की गई है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि बढ़ती मांग के बीच कहीं प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री न बढ़ जाए। क्योंकि काफी दिनों से औषधि विभाग की टीम बाजार में सक्रिय नहीं है। हालत यह है कि विभाग के पास प्रतिबंधित सिरप की कड़ी निगरानी के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में दवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता पर नियमित निगरानी बेहद जरूरी है, खासकर सर्दी-खांसी के मौसम में, जब इन दवाओं की मांग कई गुना बढ़ जाती है।
औषधि निरीक्षक लवकुश ने बताया कि जिला अस्पताल से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट जल्द ही आने वाली है। अगर रिपोर्ट सही आयी तो कफ सिरप की बिक्री शुरू कर दी जाएगी। अन्यथा की स्थिति में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।