उसहैत के गांव में भरा पानी। संवाद
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बदायूं। बाढ़ प्रभावित गांवों में डेंगू के खतरे के मद्देनजर शासन ने तत्काल प्रभाव से एंटी लार्वा के छिड़काव का आदेश दिया है। जिले के सौ से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। शासन के आदेश के बाद कई ग्राम पंचायतों ने मलेरिया विभाग से मेलाथिन टेक्निकल 95 प्रतिशत दवा की मांग की है। कुछ ग्राम पंचायतों ने यह दवा लेकर एंटी लार्वा छिड़काव भी शुरू करा दिया है।
हाल ही के दिनों में हुई बारिश के बाद गंगा और रामगंगा में उफान के कारण जिले के तटवर्ती सौ से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। रविवार को नदियों का जलस्तर तो कम होने लगा है, लेकिन गड्ढों में पानी निकलने में समय लगेगा। ऐसे में गांवों में मच्छरजनित बीमारियों के फैलने का अंदेशा बना हुआ है। गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत सभी को पता है। शासन भी समझ रहा है कि अगर बाढ़ग्रस्त गांवों में डेंगू फैला तो बदायूं में हालात ज्यादा खराब हो सकते हैं। इसके मद्देनजर शासन स्तर से जिला पंचायत और पंचायती राज विभाग को बाढ़ प्रभावित गांवों में तत्काल प्रभाव से एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं। शासन स्तर से आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर भी सक्रियता बढ़ गई है। ग्राम पंचायतों ने मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू करा दिया है।
कई ग्राम पंचायतों ने मेलाथिन टेक्निकल 95 प्रतिशत नाम की दवा की मांग की है। मलेरिया विभाग के पास यह दवा उपलब्ध है, ग्राम पंचायतों के लिए दवा उपलब्ध कराई जा रही है। बदायूं में मलेरिया का प्रकोप काफी कम है। डेंगू भी धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहा है।
- योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी