बदायूं। राजकीय डिग्री कॉलेज में बिना खेल प्रशिक्षकों के वार्षिक खेलकूद समारोह जैसी गतिविधियां हर साल कराई जा रहीं हैं। खेलकूद समारोह से पहले कॉलेजों में किसी भी प्रकार की गतिविधियां नहीं होती। हालत यहां तक है कि कोच न होने के कारण कॉलेज में पढ़ने वाले युवा खेलों में रुचि होने के बावजूद आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
जिले में राजकीय डिग्री कॉलेज आवास विकास, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, महाराणा प्रताप राजकीय डिग्री कॉलेज बिल्सी, दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज बिसौली और राजकीय डिग्री कॉलेज नाधा संचालित हैं। इनमें से राजकीय डिग्री कॉलेज आवास-विकास में स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत 2022 में खेल शिक्षक हुकुम सिंह आए। यहां पर खेल कुछ बेहतर तरीके से संचालित होने लगे, लेकिन राजकीय कॉलेजों का हाल-बेहाल है। कॉलेज प्रशासन की ओर से युवाओं के लिए खेल का सामान तो मुहैया करा दिया गया, लेकिन खेल प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए।
शिक्षक आपस में मिलकर कराते हैं वार्षिक खेल
राजकीय डिग्री कॉलेजों में जब वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता होती है तब खेल शिक्षक न होने के कारण वहां पढ़ाने वाले शिक्षक ही इस जिम्मेदारी का निर्वाहन करते हैं। जिस शिक्षक को जिस खेल की ज्यादा समझ होती है उसको उसी खेल का प्रभारी बना दिया जाता है। ऐसे में युवा ज्यादा अच्छी तरह से खेल नहीं पाते।
युवा बोले- बिना प्रशिक्षक के ढंग से नहीं हो पाती तैयारी
बाधा दौड़ की तैयारी कर रहा हूं, लेकिन खेल शिक्षक के अभाव में तैयारी करने में दिक्कत आ रही है। इस खेल के लिए तकनीकि ज्ञान होना जरूरी है। जिसके लिए प्रशिक्षक की जरूरत होती है और वह है नहीं। - वंश पाठक, बीए
हीट (100 मीटर दौड़) की तैयारी कर रहा हूं। इसमें समय सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके लिए कोच होना चाहिए। कोच न होने की दशा में अन्य दाेस्तों की मदद लेनी होती है।- अनुराग तिवारी, बीए