बदायूं। शासन ने छात्र संख्या के आधार पर सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए बर्तन खरीदने के लिए धनराशि आवंटित कर दी है। विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि आवंटित धनराशि से जल्द से जल्द बर्तन खरीद लें। चेतावनी दी है कि खरीदे गए बर्तनों की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी। बर्तन खरीदने के नाम पर खानापूर्ति न हो।
बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड डे मील दिया जाता है। करीब छह साल पहले स्कूलों को मिड डे मील के बर्तन खरीदने के लिए सरकार ने धनराशि दी थी। अब हालात यह हैं कि विद्यालयों में बर्तन ही नहीं बचे हैं। इस कारण एक साथ बच्चों को भोजन नहीं कराया जा सकता। कई जगह तो भोजन पकाने के लिए भी पर्याप्त बर्तन नहीं हैं।
अधिकारियों ने पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के माध्यम से शासन को भेजी है। शासन ने सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या के आधार पर न्यूनतम 10 हजार और अधिकतम 25 हजार रुपये की धनराशि आवंटित की है। इस बात के भी निर्देश दिए हैं कि जो भी बर्तन खरीदा जाए, उसकी गुणवत्ता अच्छी हो। यदि कहीं पर किसी तरह की गुणवत्ता को लेकर शिकायत आती है तो विभागीय अधिकारी इसकी जांच करेंगे और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। बर्तन खरीदने के लिए आवंटित धनराशि सभी स्कूलों के विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में पहुंच चुकी है।
जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की संख्या
-1502 प्राथमिक विद्यालय
-356 उच्च प्राथमिक विद्यालय
-297 कंपोजिट विद्यालय
छात्र संख्या धनराशि
0 से 50 10000
51 से 150 15000
151 से 250 20000
251 से ज्यादा 25000
धनराशि सभी विद्यालयों के खातों में भेज दी गई है। प्रधानाध्यापकों को चेतावनी दी गई है कि अगर बर्तन की खरीदारी में गड़बड़ी हुई तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। -वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए