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पंजाब में फौजी की कार डिवाइडर से टकराई, पिता, पत्नी और बेटे की मौत

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शव उझानी स्थित घर पहुंचने पर बिलखते परिजन। संवाद - फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। चंडीगढ़ से तबादले के बाद राजस्थान के श्रीगंगानगर के लिए परिवार के साथ निकले उझानी निवासी सैनिक अतुल पाराशर की बेकाबू कार संगरूर में शुक्रवार को डिवाइडर से टकराकर पुलिया के नीचे गहरी खंदी में गिर गई। हादसे में फौजी के पिता, पत्नी और तीन साल के मासूम बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। घायल सैनिक और उनके बड़े बेटे की हालत नाजुक बनी हुई है। शनिवार देर शाम तीनों के शव यहां पहुंचे तो कोहराम मच गया।
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हादसा शुक्रवार सुबह पंजाब के संगरूर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज के पास हुआ। पंजाबी कॉलोनी निवासी अतुल पाराशर सेना की चंडीगढ़ यूनिट में तैनात हैं। पिछले दिनों उनका तबादला चंडीगढ़ से राजस्थान के श्रीगंगानगर के लिए हुआ था। चंडीगढ़ में अतुल के साथ ही उनकी पत्नी और दोनों बेटे भी रहते थे। रिश्तेदार अरुण शर्मा के मुताबिक अतुल खुद ही कार ड्राइव कर रहे थे। हाईवे पर किसी वाहन से बचने की कोशिश में वह कार पर नियंत्रण खो बैठे। कार पहले डिवाइडर से टकराई, फिर सड़क किनारे पुलिया के नीचे खंदी में गिर गई। हादसे में अतुल की पत्नी मोना (38), तीन साल के बेटे अथर्व उर्फ ओम और पिता दिनेश बाबू पाराशर (68) की मौके पर मौत हो गई। अतुल और उनका बड़ा बेटा अमोल (10) गंभीर रूप से घायल हैं।
अतुल की पत्नी मोना अयोध्यागंज मोहल्ला निवासी इंद्रपाल शर्मा की इकलौती बेटी थीं। मृतक दिनेश मूल रूप से कासगंज जिले के सैलई गांव के निवासी थे। कृषि विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद वह पंजाबी कॉलोनी में परिवार समेत शिफ्ट हो गए थे। दिनेश के बड़े बेटे अमित सेना की दिल्ली यूनिट में तैनात हैं। पोस्टमार्टम के बाद दिनेश, मोना और ओम के शव यहां घर पर पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया।
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तीन दिन पहले बेटे से बात कर चंडीगढ़ गए थे दिनेश
- सेना की चंडीगढ़ यूनिट से अतुल पाराशर का राजस्थान के श्रीगंगानगर तबादला हुआ है। यह बात भाई अमित और पिता दिनेश बाबू पाराशर को भी पता थी। अमित चूंकि दिल्ली यूनिट में तैनात हैं, सो उन्हें छुट्टी नहीं मिली। जानकारी होते ही दिनेश ने बेटे अतुल से फोन कर कहा कि वह चंडीगढ़ आ रहे हैं। नए तैनाती स्थल पर उनके साथ जाकर सामान शिफ्ट करा देंगे। हालांकि अतुल ने उन्हें नहीं आने के समझाया था लेकिन वह नहीं माने थे। इसके बाद वह ट्रेन से चंडीगढ़ चले गए।
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शव पहुंचने के बाद ही हुई फौजी की मां को जानकारी
फौजी की मां कृष्णा देवी हृदय रोगी हैं। उनका इलाज भी चल रहा है। घायल सैनिक अतुल ने इसी के मद्देनजर बड़े भाई अमित को फोन कराया। उन्हें पता है कि मां कृष्णा को जब हादसे के बारे में पता लगेगा तो वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी। रिश्तेदारों को भी शुक्रवार देर शाम ही फोन किए गए। शनिवार पूर्वाह्न जब रिश्तेदार उनके घर पहुंचने लगे तो उन्हें दरवाजे पर ही रोककर दिनेश के भाई के घर पहुंचा दिया गया। कृष्णा को हादसे का जानकारी शव यहां पहुंचने पर ही हो सकी।
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