बरेली-मथुरा हाईवे पर एक खतरनाक प्वाइंट। संवाद
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उझानी (बदायूं)। बरेली-मथुरा हाईवे पर उझानी और कछला के बीच कई ऐसे प्वाइंट हैं, जहां सफर के दौरान मामूली सी चूक जान के लिए खतरा बन सकती है। हाईवे पर महज 14 किलोमीटर इलाके में शायद ही ऐसा कोई दिन बचता हो, जब हादसा न होता हो। इन्हीं खतरनाक प्वाइंटों में से एक पर शुक्रवार शाम को एक बाइक सवार किशोर समेत चार युवकों को टैंकर ने कुचल दिया था, जिनमें तीन की मौत हो गई थी।
कछला और उझानी के बीच सर्वाधिक हादसे गांव अल्लीपुर के पास बितरोई मोड़ पर हुए हैं। इसकी मुख्य वजह यहां तीव्र मोड़ है। मोड़ होने के साथ ही यहां हर तरफ उगी ऊंची-ऊंची घास हैं। जिससे दृश्यता में कमी वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनती है। मुजरिया की तरफ से कोई भी वाहन सवार बरेली-मथुरा हाईवे पर पहुंचता है तो खासकर दक्षिण दिशा में दूसरी ओर का वाहन दूर से नजर नहीं आता। शुक्रवार को हुए हादसे में भी यही माना जा रहा है कि बाइक सवार युवकों और टैंकर के बिल्कुल करीब आने पर ही जानकारी हुई, जब तक वह स्पीड नियंत्रित करते हादसा हो गया।
इसके अलावा हाईवे पर छतुइया, करुआ पुल, कछला के पास पेट्रोल पंप वाला मोड़ और पुलिस चौकी के नजदीक राधेलाल कॉलेज के आसपास का इलाका भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनता है। यहां बता दें वितरोई मोड़ और करुआ पुल पहले से ही ब्लैक स्पॉट घोषित हैं।
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एक दशक पहले हादसे में चली गई थी 45 लोगों की जान
बरेली-मथुरा हाईवे पर दहेमू पुलिया और वितरोई मोड़ के बीच 25 दिसंबर 2010 को हुए हादसे को नगर के सरौरा इलाके के कई परिवारों के लोग शायद ही ताउम्र भुला पाएं। एक दिन पहले सरौरा मोहल्ले के मोहनलाल की उझानी बाईपास पर मेटाडोर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद अगले दिन मोहल्ले के लोग और मोहनलाल के शव का अंतिम संस्कार कर लौट रहे थे। इस दौरान मेटाडोर और बरेली डिपो की रोडवेज बस में भिड़ंत में 45 लोगों की मौत गई थी। मृतकों में सरौरा के ही 23 लोग शामिल थे।
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आकाश और पुष्पेंद्र का कछला तट पर हुआ अंतिम संस्कार
शुक्रवार को सड़क हादसे में मृत बाइक सवार किशोर समेत तीन युवकों में से सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव हादीपुर निवासी आकाश उर्फ रिंकू पुत्र मातादीन और उसके मौसेरे भाई गांव सिरसा दबरई निवासी पुष्पेंद्र पुत्र देवेंद्र का शनिवार को उनके परिजन ने कछला गंगाघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। आकाश के दोस्त उसी के गांव के तसलीम पुत्र बच्चन को गांव के कब्रिस्तान में सुपर्दे खाक किया गया। तीनों का पोस्टमार्टम शुक्रवार रात में करीब एक बजे हुआ था। इसके बाद शव लेकर तीनों के परिजन अपने-अपने घर चले गए। संवाद