बदायूं। शहर में खंभों पर लगे तारों के मकड़जाल को खत्म करने और बिजली चोरी रोकने के लिए पावर कॉरपोरेशन की ओर से अंडरग्राउंड केबल डाली गई। इन केबल को डालने से खंभों पर फैले मकड़जाल तो खत्म हो गए, लेकिन इसने लोगों की मुसीबतों को कई गुना बढ़ा दिया। ठेकेदार द्वारा शहर की सड़कों को खोदकर डाल दिया गया, वहीं जगह-जगह जंक्शन बॉक्स खुले पड़े हैं, जो मौत को खुली दावत दे रहे हैं।
जिसकी सत्ता होती है वह अपने हिसाब से ठेकेदार तय करता है और चहेतों को ही ठेकेदारी दी जाती है। अंडरग्राउंड केबल डालने के मामले में भी यही हुआ। तब से अब तक जनता कई समस्याओं से त्रस्त है, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मानकों को दरकिनार कर काम चलता रहा और अब भी चल रहा है। वर्तमान में ये अंडरग्राउंड केबल लोगों के लिए मुसीबत गई है। जगह-जगह केबल बॉक्स खुले पड़े हैं। पूरे केबल बॉक्स में बिजली की सप्लाई चालू है, लेकिन इसे कवर्ड नहीं किया गया है। कई बंदर और गाय-भैंस इनकी चपेट में आकर दम तोड़ चुकी है। शुरुआत में छह सड़का पर एक तांगाचालक के घोड़े की इसकी चपेट में आने से मौत हो चुकी है, लेकिन अब भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर जब लोगों से बात की गई तो उन्होंने अंडरग्राउंड केबल को मुसीबत ही बताया।
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लोगों का नजरिया
जगह-जगह सड़कों को खोदकर डाल दिया गया है। ऐसे में सड़कों से निकलने में परेशानी होती है। कई बार तो साइकिल, बाइक सवार इन टूटी सड़कों के चक्कर में गिरकर घायल हो चुके हैं।
-राजू, सिविल लाइन
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पावर कॉरपोरेशन की ओर से जो बॉक्स लगाए गए हैं, वे लोहे की चार रॉड पर टिके हुए हैं। वह भी नालियों के पास लगे हैं, ऐसे में जब करंट इन रॉड पर आएगा, तो नालियों में बह रहे पानी के माध्यम से काफी दूर तक फैलेगा।
- सागर बतरा, कृष्णा कॉलोनी
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शहर में जहां पर मर्जी आई, वहां पर बॉक्स लगा दिए गए हैं। उनको लगाने में मानकों को बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा है। कहीं पर घरों के मुख्य गेट के आसपास लगा दिए हैं। ऐसे में घरों से वाहन निकालने में परेशानी होती है।
-मिंटू कुमार, मधुवन कॉलोनी
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अधिकारियों को आम आदमी की परेशानी नहीं दिखाई देती है। उन्होंने तो सीधे ठेकेदार से सांठगांठ कर रखी है। इस वजह से उन्होंने अपनी आंखें बंद कर ली है।
- अफसर अली, सोथा
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अंडरग्राउंड केबल डालने के बाद जंक्शन बॉक्स कनेक्शन के हिसाब से लगाए गए हैं। शहर में कई मोहल्लों में लोगों ने मनमर्जी घर बनाकर गलियां अपने हिसाब से मोड़ दी है। ऐसे में लोगों को दिक्कत न हो, उसी हिसाब से बॉक्स लगाए गए हैं।
-मधुर श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता