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ककोड़ा मेला गए किशोर की गंगा में डूबने से हुई मौत, परिवारवालों ने नहीं कराया पोस्टमार्टम

Fri, 23 Nov 2018 06:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कार्तिक पूर्णिमा पर मेला ककोड़ा गया एक किशोर गंगा में स्नान करते समय गहरे पानी में चला गया, जिससे उसकी डूबकर मौत हो गई। वहां मौजूद फ्लड पीएसी के जवानों ने शोर सुनते ही गंगा में कूदकर किशोर की तलाश शुरू कर दी। कुछ ही देर में किशोर को बाहर निकाल लिया गया। फौरन उसे मेले में मौजूद डॉक्टर को दिखाया गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिवार वाले शव लेकर घर चले गए।
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अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानू निवासी 17 वर्षीय अजय पुत्र रामबाबू शुक्रवार सुबह अपने दोस्तों के साथ बाइक से ककोड़ा मेला गंगा स्नान करने आया था। बाइक गंगा किनारे खड़ी कर दी और नाव से होकर गंगा पार चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गंगा पार जाते ही उसके दोस्त कपड़े निकलाने में लग गए लेकिन अजय उनसे पहले ही गंगा में कूद गया। तभी अचानक वह गहरे पानी में चला गया।

उसे डूबते हुए देखकर दोस्तों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस बार पहले से फ्लड पीएसी तैनात थी। दूसरी पार युवकों का शोर शराबा सुनकर पीएसी ने अपनी मोटर बोट उसी ओर बढ़ा दी और पानी में डूबे किशोर की तलाश शुरू कर दी। कड़ी मशक्कत के बाद किशोर को बाहर निकाला गया गया।
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बाद में जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसके बाद दोस्तों ने अजय के परिवार वालों को सूचना दी। जिस पर परिवार वाले भी ककोड़ा मेला पहुंच गए। पीएसी ने अजय के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवा दिया था।
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परिवारवालों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार

अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और बगैर पोस्टमार्टम कराए शव को अपने घर ले गए। अजय दो भाइयों में बड़ा था। उसकी एक बहन है। अजय कस्बे में ही एक बाइक रिपेयरिंग की दुकान पर काम करता था। अजय की मौत से परिवार वालों में कोहराम मचा हुआ है।

गंगा तट पर लगी है गहरे पानी की चेतावनी लिखी तख्तियां
बदायूं। जिला प्रशासन ने पहले से गंगा घाट का मंथन कर लिया था। उसके बाद जहां-जहां गहरा पानी है, वहीं बल्ली लगवा कर तट को सुरक्षित कर दिया। जगह-जगह चेतावनी लिखी तख्तियां टांग दी गईं। जिससे लोग उस स्थान पर नहीं जाएं। इसके बावजूद कुछ लोग नाव से गंगा के दूसरे छोर पर पहुंच गए। सुबह हादसा होने के बाद फ्लड पीएसी और सतर्क हो गई । उसके बाद मेलार्थियों को रोकना शुरू कर दिया गया।
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