बदायूं। पुलिस लाइन ग्राउंड पर बुधवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान 116 रिक्रूटों ने परेड में भाग लिया। डीएम दीपा रंजन और एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने उन्हें देश सेवा की शपथ दिलाई। साथ ही प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया।
बुधवार को पुलिस लाइन ग्राउंड पर 19 वें दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। इससे पूर्व ग्राउंड को अच्छी तरह से सजाया गया। पिछले छह माह से प्रशिक्षण ले रहे 116 रिक्रूट आरक्षी चटख वर्दी पहनकर पुलिस लाइन ग्राउंड पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले परेड में भाग लिया। कदम से कदम मिलाकर परेड की। उन्होंने मुख्य अतिथि डीएम दीपा रंजन और एसएसपी डॉ. ओपी सिंह को सलामी दी। इस दौरान पुलिस लाइन ग्राउंड रिक्रूटों के बूटों की धमक से गूंज उठा।
डीएम और एसएसपी ने रिक्रूट आरक्षियों और उन्हें प्रशिक्षण देने वाले आईटीआई/पीटीआई व इनडोर अध्यापकों को पुरस्कृत किया गया।
एसएसपी ने कहा 28 जून 2021 से 116 रिक्रूट आरटीसी प्रशिक्षक ले रहे थे। उन्होंने कठिन परिश्रम कर यह प्रशिक्षण प्राप्त किया। कोरोना संक्रमण के चलते सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए प्रशिक्षण किया गया। सभी रिक्रूट आरक्षियों ने अनुशासन का पालन किया। अंतिम परीक्षा के परिणाम में 58 रिक्रूटों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। इनमें रिक्रूट सुमित बंसल ने सर्वाधिक अंक प्राप्त किए। इस दौरान एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान, एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सिटी आलोक मिश्रा समेत सभी सीओ और तमाम रिक्रूटों के परिवारवाले भी मौजूद रहे।
-
पुलिस परिवार के बेटों को मिली वर्दी तो चहके
मेरे पिता जी दिल्ली पुलिस में हैं। मैं बचपन से उन्हें देख रहा हूं। उन्होंने किस तरह हम लोगों का पालन-पोषण किया। उन्होंने मुझे हौसला दिया और मैं आगे बढ़ता गया। मैं मूलरूप से गौतमबुद्ध नगर में जारचा थाना क्षेत्र के गांव नरौली का रहने वाला हूं। अब मैं चाहता हूं कि पुलिस विभाग में रहकर देश की सेवा करूं।
- सुमित बंसल
-
हम गौतमबुद्धनगर के जेवर थाने के गांव नीमका के रहने वाले हैं। पिता राजीव अत्री खेतीबाड़ी करते हैं। हम दो भाइयों में बड़े हैं। हमारे चाचा हुकुमवीर अत्री सीबीआई में सब इंस्पेक्टर हैं। मैंने पुलिस विभाग में आने की उन्हीं से प्रेरणा ली। मैं भी बड़े होकर पुलिस विभाग में भर्ती होना चाहता था।। आज ये सपना पूरा हो गया।
- कृष्ण कुमार अत्री
-
मेरे पिता सत्यवीर सिंह पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर थे। साल 2013 में बिसौली कोतवाली में तैनाती के दौरान उनकी एक हादसे में जान चली गई थी। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से निभाया। मैं उनके साथ रहा। पुलिस विभाग के बारे में बारीकी से जाना। इसलिए मैं भी पुलिस में भर्ती होना चाहता था। आज ये सपना पूरा हो गया। मैं एटा जिले का रहने वाला हूं।
- आयुष कुमार
-
मैं गौतमबुद्ध नगर के सुनपुरा गांव का रहने वाला हूं। पिता योगेश कुमार दिल्ली में सीबीआई में सब इंस्पेक्टर हैं। उन्होंने मुझे सिखाया है कि मैं हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलूं। देश सेवा करूं, उनकी सिखाई हर बात का मैं पालन कर रहा हूं। मैं यहां छह नंबर प्लाटून का कमांडर रहा। अनुशासन में मुझे सबसे अधिक अंक प्राप्त हुए हैं। ये अनुशासन मैंने अपने पिता से ही सीखा है।
- राघव कुमार
-
पुलिस लाइन ग्राउंड में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इसमें 116 रिक्रूट सिपाही बने हैं। उन्हें स्मृति चिह्न और प्रमाण देकर सम्मानित किया गया है। एक-दो दिन में उन्हें अलग-अलग थानों में भेज दिया जाएगा।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी