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Budaun News: बनेंगे 100 प्लास्टिक मुक्त मॉडल तालाब, बढ़ेगा भू-जल रिचार्ज

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बदायूं। जिले में ‘मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत 100 प्लास्टिक मुक्त मॉडल तालाब बनाए जाएंगे। यह पहल पर्यावरण के अनुकूल ग्राम पंचायतों में की जा रही है। प्रथम चरण में जिले के 15 ब्लॉकों में एक-एक तालाब का चयन कर उन्हें मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जाएगा। इन मॉडल तालाबों की तर्ज पर दूसरे चरण में शेष 85 ब्लॉकों में भी प्लास्टिक मुक्त तालाब बनाए जाएंगे।
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चयनित गांवों के तालाबों के चारों ओर नो प्लास्टिक जोन घोषित किए जाएंगे। प्लास्टिक को रोकने के लिए फिल्टर चैंबर बनाए जाएंगे। इस पहल से तालाबों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के साथ-साथ भू-जल रिचार्ज में वृद्धि होगी। हरित ग्राम विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह वर्षा जल संचय में भी सहायक होगी, जिससे सिंचाई, पशुपालन और पौधरोपण के लिए जल उपलब्ध होगा।
स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता भी फैलाई जाएगी। ग्रे-वॉटर को तालाब में प्रवेश करने से पहले रीड-बेड और बायो-फिल्टर सिस्टम से गुजारा जाएगा, जिससे पानी प्राकृतिक रूप से शुद्ध होकर तालाब में जाएगा। ठोस अवशेषों को अलग से एकत्र किया जाएगा। यह प्रयास जिले में जल निकायों के समग्र सुधार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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तालाबों के चयन के मानदंड
प्लास्टिक मुक्त तालाब बनाने के लिए कई पैमानों पर तालाबों का चयन किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि ग्राम पंचायत के पास अपनी ग्रामनिधि में पर्याप्त धनराशि हो, ताकि निर्माण कार्यों में कोई बाधा न आए। इसके अतिरिक्त, ऐसे तालाबों को प्राथमिकता दी जाएगी जो निर्विवाद हों। तालाब के किनारे पर्याप्त जमीन का होना भी आवश्यक है, ताकि फिल्टर चैंबर और ट्रीटमेंट प्लांट जैसे आवश्यक निर्माण कार्य कराए जा सकें। इन मानदंडों का पालन सुनिश्चित करेगा कि चयनित तालाब परियोजना के लिए उपयुक्त हों।

जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया
ग्रे-वॉटर को तालाब में प्रवेश करने से पूर्व रीड-बेड एवं बायो-फिल्टर सिस्टम नाली के अंत में कंकड़ और रेत का इस्तेमाल करेगा। वेटीवर (खसखस), नरकट, केली और केना जैसे पौधे लगाए जाएंगे, जो पानी को प्राकृतिक रूप से शुद्ध करने में मदद करेंगे। यह प्राकृतिक शुद्धिकरण प्रक्रिया तालाब के पानी की गुणवत्ता में सुधार करेगी। इस प्रक्रिया से ग्रे-वॉटर की गंदगी सेटल कर साफ पानी तालाब में भेजा जाएगा। यह प्रणाली पर्यावरण को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


शासन के निर्देश के अनुसार, जिले के सभी विकास खंडों पर एक-एक तालाब चयन करने के निर्देश सभी बीडीओ दिए गए हैं। तालाबों के चयन के बाद इन्हें प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। इन्हीं तालाबों की तर्ज पर दूसरे फेज में अन्य तालाब बनाए जाएंगे। - यावर अब्बास- डीपीआरओ
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