घोटालो में फंसे माया सरकार के कद्दावर मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा के परिवार का सपा में शामिल होना जता रहा है कि समाजवादी पार्टी को दाग भाते हैं।
हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, गुंडा टैक्स और सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के आरोपी पार्टी में पहले से हैं।
फिर चाहे वह कुख्यात डकैत ददुआ का भाई बाल कुमार पटेल हो या फिर पूर्वांचल का माफिया अभय सिंह, बृजभूषण शरण सिंह या पश्चिम में भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और बाहुबली राकेश सिंह। सभी के दामन गंभीर अपराध के आरोपों से दागदार हैं।
सांसदों और विधायकों के हलफनामों के आधार पर यूपी इलेक्शन वॉच ने जो रिपोर्ट तैयार की है उसके मुताबिक सपा दागियों की पनाहगाह नजर आती है। सपा में कुल नौ सांसद और 111 विधायक हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इनमें से ज्यादातर के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट है। वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव के दौरान सपा के 23 प्रत्याशी विजयी हुए। इनमें से नौ के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से आठ पर गंभीर धाराओं के मुकदमे हैं।
कुछ ऐसा हाल विधायकों का भी नजर आता है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2012 में सपा के कुल 224 उम्मीदवार विधायक बने।
इनमें से 111 के खिलाफ आपराधिक मामले हैं जबकि 56 के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, धार्मिक उन्माद भड़काने, दुराचार, लूट, डकैती अपहरण व अन्य गंभीर धाराओं के मामले हैं।