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छोटे चौधरी को बड़ी टेंशन दे गए मोदी

Mon, 03 Feb 2014 09:10 AM IST
चंद्र मोहन शर्मा/अमर उजाला, मेरठ
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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी रविवार की मेरठ रैली में नागर विमानन मंत्री चौधरी अजित सिंह को एक के बाद एक टेंशन पर टेंशन दिए चले गए।
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मेरठ में एयरपोर्ट न बनने के लिए उन्हें सीधे-सीधे उन्हें जिम्मेदार ठहराया। गन्ना किसानों की लड़ाई न लड़ने के लिए भी उनपर सवाल उठा दिया।

इससे भी बढ़कर मोदी का दांव यह रहा कि वीर रस के कवि डॉक्टर हरिओम पंवार का नाम उछालकर और मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से इस्तीफा देने वाले डॉक्टर सत्यपाल सिंह को भाजपा ज्वाइन कराकर संकेत दे दिया कि उनकी तैयारी रालोद के जाट वोटरों को भगवा रंग में रंगने की है।

बिना नाम लिए अजीत सिंह पर साधा निशाना

मोदी ने अपने 45 मिनट लंबे भाषण की शुरुआत ही चौधरी चरणसिंह के नाम से की। उन्होंने खंभे पर चढ़ रहे दो युवाओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाने के लिए चौधरी साहब की शपथ दिलाई।

गन्ने की लड़ाई में चीनी मिल मालिक ही नहीं, हुकूमतों तक को हिला देने वाले चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का नाम लेना भी नहीं भूले। फिर चौधरी चरणसिंह और टिकैत का नाम लेकर ही अजित सिंह को घेर लिया।

रालोद मुखिया का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि अगर आज चौधरी चरण सिंह और महेंद्र सिंह टिकैत जीवित होते तो किसानों की लड़ाई लड़कर गन्ने के बकाया का भुगतान करा देते।

तीन बार लिया चरण सिंह का नाम

मोदी ने अजित सिंह का नाम नहीं लिया लेकिन कहने का मतलब यही था कि रालोद गन्ना किसानों की लड़ाई नहीं लड़ रहा। गन्ने से पहले एयरपोर्ट के मुद्दे पर तो नमो ने रालोद मुखिया को सीधे निशाने पर ले लिया।

बोले, मेरठ में एयरपोर्ट क्यों नहीं बन रहा है, जबकि उड्डयन मंत्री इसी क्षेत्र के हैं। मोदी ने अपने भाषण में चौधरी चरण सिंह का नाम तीन बार लिया। भाजपा अध्यक्ष ने भी चरणसिंह और टिकैत को नमन किया।

इस तरह रैली के मंच से संकेत दिया गया कि पश्चिमी यूपी में रालोद का वोट बैंक कहे जाने वाले जाटों पर भाजपा की नजर लगी है।

भाजपा को लगे उम्मीदों के पंख

दरअसल, मुजफ्फरनगर दंगे के बाद बदले माहौल में यह हवा उड़ी थी कि जाट धीरे-धीरे भगवा रंग में रंग रहे हैं। रैली में किसानों की बड़ी भागीदारी ने भाजपा की उम्मीदों को पंख लगा दिए।

शायद इसीलिए मोदी ही नहीं, ज्यादातर नेताओं ने गन्ने और किसानों की जी भरकर बात की।

मोदी के भाषण से पहले ही सत्यपाल सिंह ने भाजपा ज्वाइन कर ली। वे इससे पहले बागपत गए। माना यही जा रहा है कि उन्हें अजित सिंह के सामने खड़ा किया जाएगा।

रालोद का खेल बिगाड़ने की तैयारी

मोदी ने हरिओम पंवार का नाम लिया। पहले से ही यह चर्चा चल रही है कि बाबा रामदेव की सिफारिश पर हरिओम पंवार को भाजपा मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ा सकती है।

इस तरह एक साथ जो संभावित जाट उम्मीदवार सामने आने से लग रहा है कि रालोद का खेल बिगाड़ने के लिए भाजपा की तैयारी जाट कार्ड चलने की है।

दरअसल, जाट आरक्षण का रास्ता साफ होने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि रालोद ने फिर से जाट वोटरों में अपनी पैठ बना ली है। शायद इसी की काट में भाजपा ने यह तैयारी की है।
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रालोद ने दिया मोदी को जवाब

रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान ने नरेंद्र मोदी को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी ने मेरठ की रैली में गन्ने की बात इसलिए की, क्योंकि यहां चौधरी अजित सिंह का दबाव है। वरना इससे पहले ही गन्ना बेल्ट की रैलियों में मोदी गन्ने पर एक शब्द नहीं बोले।

मुन्ना का कहना है कि रालोद ने ही लड़ाई लड़कर प्रदेश सरकार को चीनी मिल चलवाने के लिए मजबूर किया। अजित सिंह ने गन्ना बकाया भुगतान कराने के लिए चीनी मिलों को 6.600 करोड़ का ब्याज मुक्त कर्ज दिलाया। अब 400 टन चीनी के निर्यात का आदेश जारी कराया है।

जहां तक एयरपोर्ट का सवाल है तो, प्रदेश की सपा सरकार ने दो साल तक जमीन नहीं दी। अब कैबिनेट ने मेरठ, मुरादाबाद, फैजाबाद, सैफई में एयरपोर्ट बनाने के लिए मंजूरी दी है। रालोद ने एयरपोर्ट का मुद्दा विधानसभा में उठाया, भाजपा विधायक इस पर कभी कुछ नहीं बोले।
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