बिजनौर। गांव काजीवाला में जुबैदा की हत्या उसी के सौतेले बेटे आसिफ उर्फ इद्दू ने जायदाद से बेदखल किए जाने पर की थी। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया है। पुलिस की जांच में नामजद कराए गए पांचों पड़ोसी बेकसूर निकले।
एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी ने बताया कि शुक्रवार को काजीवाला में जुबैदा (40) की हत्या के मामले में मृतका के पति तवक्कल ने पड़ोसी कलाम, हाजरा अमन आदि पांच के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस की विवेचना में पड़ोसियों की नामजदगी गलत मिली। विवेचना में पता चला कि 2008 में पहली पत्नी की मौत के बाद तवक्कल ने जुबैदा से दूसरी शादी की। पहली पत्नी से चार बेटी और छह बेटे हैं, जबकि जुबैदा से एक बेटा और एक बेटी पैदा हुए। साल 2023 में तवक्कल ने घर की वसीयत जुबैदा और उसके बेटे के नाम कर दी। अब घेर की वसीयत भी जुबैदा के नाम करने जा रहा था। इसको लेकर पहली पत्नी का बेटा आसिफ नाराज था।
पहली पत्नी का बेटा आसिफ एक महीने पहले देहरादून से घर आया था। वह अपनी सौतेली मां जुबैदा से वसीयत को लेकर झगड़ कर रहा था। इसी बीच बुलेट बाइक खड़ी करने को लेकर तवक्कल का अपने पड़ोसियों से झगड़ा हुआ। इस झगड़े के बाद परिवार के सदस्य घर से चले गए। आसिफ ने मौके का फायदा उठाकर सौतेली मां की उस वक्त ईंट से वार करके हत्या कर दी, जब वह हैंडपंप के पास बर्तन धो रही थी। हत्या के बाद वह घर से चला गया। जब लौटा तब परिवार के सभी लोग आ गए।
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उंगली में चोट से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने नामजद एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन उससे कुछ नहीं पता चला। इसी बीच शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक उदय प्रताप की नजर आसिफ की हथेली पर पड़ी। बाएं हाथ की हथेली में उंगलियों पर अंदर की तरफ चोट लगी थी। उक्त चोट के संबंध में पूछा गया तो बताया कि वह ई-रिक्शा से गिरा था। चिकित्सक ने पुष्टि की कि किसी भारी वस्तु से किसी पर वार करने से यह चोट लगी है। कड़ाई से पूछताछ करने पर आसिफ ने हत्या करने का सच उगल दिया।
जुबैदा का फाइल फोटो।