बिजनौर। हरिद्वार का गंगा किनारा..चमकीले वस्त्राें में अचानक पहुंची महिला बोली, मुझे जानता है...नहटौर का सीताराम बोला...नहीं। मैं हूं मंशा, मैं जानती हूं तू परेशान है...अब खुश रहेगा। तू हरिशचंद्र है, सबकुछ अर्पित कर दे...इतना सुनते ही सीताराम ठगों के चंगुल में फंस गया और 1.40 करोड़ रुपये गंवा बैठा।
सीताराम ने ठगी का अहसास होने पर एसपी को शिकायती पत्र दिया है। बताया कि उसकी 16 साल की बेटी बीमार है। उसका इलाज कराने के लिए वह तांत्रिकों के पास जाता रहता था। कांठ का रहने वाला एक व्यक्ति उसके पास आया और हरिद्वार ले गया। गंगा किनारे ले जाकर उसकी आंख बंद करा दी। आंख खोली तो सामने एक महिला खड़ी थी, जिसने खुद को देवी बताया। साथ ही उसके घर में आभूषणों से भरा हुआ कलश दिखाया। कहा कि उसके घर में माया दबी है, जो परेशान कर रही है। मगर, अब सबकुछ ठीक हो जाएगा। संवाद