धामपुर में अमर उजाला फाउंडेशन के मिशन अपराजिता अभियान के अंतर्गत लाला केदारनाथ बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में लघु नाटिका आयोजित कर बेटी बचाने बेटी पढ़ाने का संदेश दिया गया। प्रधानाचार्य आभावती ने छात्राओं को अपराजिता के बारे में छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी और नारी गरिमा को बनाए रखने की शपथ दिलाई। महिलाओं के बढ़ते हौसले और गरिमा के सामने आज हमारा समाज नतमस्तक है।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्राओं की ओर से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ शीर्षक पर लघु नाटिका का प्रस्तुत की। छात्राओं ने नाटिका से बताया कि नारी के बिना समाज का कोई अस्तित्व नहीं है। समाज में बेटी को देवी का रूप तो माना जाता है, लेकिन उस देवी के रूप को कोख में ही खत्म किया जा रहा है। कहा कि आज नारी ने हर क्षेत्र में खुद को साबित कर दिखाया है। बेटियों को बचाने के लिए केंद्र सरकार भी बहुत प्रयास कर रही है। हरियाणा में भी बेटियों की जन्मदर में वृद्धि हुई है। प्रधानाचार्या आभावती ने शिक्षिकाओं और छात्राओं को नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने और उनके चेहरे पर आत्मविश्वासी मुस्कान के लिए हर संभव प्रयास कर सतत सक्रिय रहने की वचनबद्धता की शपथ दिलाई।
महिला रही अपराजिता
प्रधानाचार्य आभावती का कहना है कि महिलाओं ने देश में ही नहीं बल्कि विश्व में नए मुकाम को हासिल कर कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पुरुष प्रधान समाज के लिए केवल सपना जैसा बन कर रह गया है।
ऊर्जा से भरा है महिलाओं का जीवन
शिक्षिका पूर्णिमा शर्मा का कहना है कि अपराजिता शब्द जिजीविषा के साथ सृजनात्मकता की ऊर्जा से भरा है।
जो सोचा, वहीं कर दिखाया
शिक्षिका रेनु कुमारी का कहना है कि आज महिलाएं एक कुशल ग्रहणी से लेकर सफल व्यावसायिक की भूमिका बेहतर तरीके से निभा रही हैं। नई पीढ़ी की महिलाएं स्वयं को पुरुषों से बेहतर साबित करने का एक भी मौका गंवाना नहीं चाहती है।
देश का नाम रोशन कर रही हैं महिलाएं
शिक्षिका शिवानी का कहना है कि महिला उत्थान के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। आज महिलाएं हिम्मत कर चारदीवारी से बाहर निकल कर विश्व में देश के नाम को रोशन कर रही हैं।
हर क्षेत्र में नंबर वन हैं महिलाएं
शिक्षिका प्रियंका का कहना है कि आज की महिलाओं का काम केवल घर गृहस्थी संभालने तक ही सीमित नहीं है। वे विभिन क्षेत्रों में उपस्थिति दर्ज कर समाज के लिए प्रेरणादायी बनी है। नौकरी से लेकर बिजनेेस तक महिलाओं ने साबित कर दिया कि वे हर क्षेत्र में नंबर वन हैं।
महिलाओं का अतुलनीय योगदान
शिक्षिका अनीता भटनागर का कहना है कि नारी एक शक्ति है जो सभी परिस्थितियों में अपनी गरिमा को बनाए रखती है। सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक सभी क्षेत्रों में महिलाओं का अतुलनीय योगदान है।
सब कुछ कर दिखाने के लिए परिपूर्ण हैं महिलाएं
शिक्षिका मीनाक्षी शर्मा का कहना है कि शिक्षा मिलने से महिलाओं ने अपने पर विश्वास करना सीखा और घर के बाहर की दुनिया को जीत लिया। किसी हद तक उन सपनों को पूरा भी कर दिया। महिलाओं में सब कुछ कर दिखाने का जज्बा कूट कूट कर भरा होता है।
कार्यक्रम से महिलाओं में जाग्रति आएगी
छात्रा पारूल ने अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना की। कहा कि अमर उजाला के इस प्रयास से महिलाओं को उनके खोए स्वभाभिमान को जाग्रत करने की प्रेरणा मिलेगी।
ऐसे कार्यक्रम आगे भी हों
छात्रा तुन रानी ने कहा कि अमर उजाला ने ऐसे कार्यक्रम अभियान के रूप में संचालित कर महिलाओं में नई जाग्रति लाने का प्रयास किया है। अमर उजाला का जिनता धन्यवाद ज्ञापित किया जाए कम है।
अभियान के प्रति महिलाओं को प्रेरित करेगी
छात्रा प्राची रानी का कहना है कि इस कार्यक्रम के आयोजन से महिलाओं को उनके दायित्वों का बोध हुआ है।
कुछ नया करने का संकल्प
छात्रा कीर्ति चौहान, सरीना राज व ईशा ने भी कार्यक्रम की सराहना की। छात्राओं का कहना था कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी होते रहने चाहिए। इन कार्यक्रमों से जाग्रति मिलती है।