अमानगढ़ में वन्यजीवों की होगी गणना
बिजनौर। अमानगढ़ में बाघ और उनके लिए आदर्श परिस्थितियों को ध्यान में रखकर सभी वन्यजीवों का सर्वे किया जाएगा। सर्वे में देखा जाएगा कि बाघों के लिए जंगल में कितना आहार है और आने वाले समय में क्या परिस्थिति उत्पन्न हो सकती हैं। देखा जाएगा कि बाघों की संख्या बढ़ने पर क्या भविष्य में उनके आगे शिकार की कोई समस्या खड़ी हो सकती है। जल्दी ही सर्वे शुरू हो जाएगा।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। यहां कुछ साल पहले 15 बाघ थे जो इस साल हुई गणना में बढ़कर 27 हो गए हैं। अमानगढ़ में बाघों की संख्या बढ़ना एक बड़ी उपलब्धि है। अमानगढ़ में वन्यजीव बाघिन को शावकों के साथ घूमते दिख जाते हैं। बाघों की संख्या बढ़ना बहुत सकारात्मक परिणाम है, लेकिन आने वाले समय में इसके क्या परिणाम होंगे यह भी देखना होगा। बाघ अपने आहार के लिए पूरी तरह शिकार पर ही निर्भर हैं। अमानगढ़ में हिरन, सांभर आदि की कोई कमी नहीं है, लेकिन बाघ जंगल का अकेला शिकारी नहीं है। जंगल में गुलदार भी हैं और भालू भी। ये भी शिकार करते हैं। इसके अलावा गीदड़ आदि भी वन्यजीवों के शावकों को निवाला बना डालते हैं। बाघों के साथ साथ अन्य शिकारियों की संख्या भी बढ़ी तो इसका आहार शृृंखला पर असर पड़ना तय है। ऐसे में वन्यजीवों की संख्या बढ़ाना भी एक चुनौती है। वन विभाग द्वारा अमानगढ़ में सर्वे कराकर बाघों व अन्य जीवों की संख्या को देखा जाएगा।
40 वर्ग किमी क्षेत्र की जरूरत
अमानगढ़ का क्षेत्र एक लाख बीघा से अधिक है। एक बाघ को आमतौर पर घूमने के लिए 40 वर्ग किलोमीटर एरिया की जरूरत होती है लेकिन बाघों की संख्या बढ़ने पर वह कम क्षेत्र में भी रह लेते हैं। हालांकि ऐसे में शिकार का संकट सामने आ जाता है।
आपस में होती है खूनी भिड़ंत
अमानगढ़ में बाघों की बढ़ती संख्या की वजह से गुलदारों ने जंगल की ओर रुख किया है लेकिन यहां भी जिम कॉर्बेट के बाघ आते रहते हैं। बाघ शिकार के लिए खुद भी आपस में भिड़ते रहते हैं और ये भिड़ंत खूनी होती है। अमानगढ़ का एटीवन टाइगर दो बाघों को इसी प्रतिद्वंद्विता में मार चुका है।
वन्यजीव संख्याओं पर एकनजर
बाघ 22 बारहसिंघा 37
गुलदार 100 भालू 09
चिंकारा 06 मोर 1074
काला हिरन 70 हाथी 84
सांभर 226 सारस 109
नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं। इनमें से कुछ काफी पहले की गणना पर आधारित हैं।
जल्द शुरू होगा सर्वे
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के अनुसार अमानगढ़ में जल्दी ही सर्वे कराया जाएगा। बाघों की संख्या बढ़ने पर होने वाली संभावित परिस्थितियों को देखा जाएगा।