बिजनौर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) परीक्षा का जिले में सेंटर नहीं बनने से अभ्यर्थी परेशान हैं। इस बार सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों ने भी बड़ी संख्या में फार्म भरे हैं।
स्थिति यह है कि शिक्षक दंपतियों में पत्नी को अमरोहा या मुरादाबाद जबकि पति को मुजफ्फरनगर या सहारनपुर में परीक्षा देने जाना होगा।
बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके चलते बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने आवेदन फार्म भरे हैं। इस बार बिजनौर जिले में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए हैं।
कई मामले ऐसे हैं, जिनमें शिक्षक पति-पत्नी को अलग-अलग जिलों में परीक्षा देने जाना होग। शिक्षक राजेंद्र कुमार को मुजफ्फरनगर जिले में परीक्षा केंद्र आवंटित हुआ है जबकि उनकी पत्नी अनीता देवी को अमरोहा जाना होगा। इसी तरह शिक्षक प्रभाकर सिंह को सहारनपुर जबकि उनकी पत्नी सुधा को अमरोहा का सेंटर आवंटित किया गया है। इस तरह के कई शिक्षक दंपती हैं, जिन्हें अलग-अलग जिलों में सेंटर आवंटित किए गए हैं।
शिक्षकों का कहना है कि जनपद में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दूसरे जिलों में जाकर अतिरिक्त धन और समय की बर्बादी होगी। यदि जिले में ही परीक्षा केंद्र होते तो उन्हें परेशानी नहीं होती।