कोतवाली देहात/बिजनौर। ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के आदेश का मामला शुक्रवार को चर्चा का विषय बना रहा। प्रदेश में पंचायत चुनाव टालने के सरकार के फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद ग्राम प्रधानों में समय पर चुनाव कराए जाने की उम्मीद जगी है। प्रधानों का कहना है कि वे पहले से ही निर्धारित समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं।
अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष सचिन मलिक ने बताया कि हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे पर कई बिंदुओं पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि ओबीसी आयोग के गठन के बावजूद उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर भी अदालत ने सवाल उठाए हैं। वहीं, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का प्रकाशन किए जाने के बावजूद चुनाव की तिथि घोषित न होने पर भी हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।
प्रधान संगठन के कोतवाली ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी महिपाल सिंह ने कहा कि यदि समय पर पंचायत चुनाव हो जाते तो प्रशासक नियुक्त करने की नौबत नहीं आती। उनका कहना है कि 13 जुलाई की सुनवाई के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
ग्राम प्रधान राजीव कुमार ने कहा कि प्रधान संगठन शुरू से ही समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग करता आ रहा है। यदि तय समय पर चुनाव कराए जाते तो वर्तमान स्थिति उत्पन्न नहीं होती। ग्राम प्रधान दीपक कुमार ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की विस्तृत प्रति अभी आना बाकी है। आदेश का अध्ययन करने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किन आधारों पर प्रशासकों की नियुक्ति पर सवाल उठाए गए हैं। उनके अनुसार मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।