मदरसा इस्लामिया रहमानिया में मुशायरे का आयोजन किया गया
राजा का ताजपुर। मदरसा इस्लामिया रहमानिया में एक शाम सलमान के नाम मुशायरे का आयोजन किया गया। शायरा निकहत मुरादाबादी ने अपने कलाम में जब तुम्हारे साथ मेरा नाम लिखा जाएगा, मुझको राधा और तुमको श्याम लिखा जाएगा... सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
अखिल भारतीय प्रधान संघ के उपाध्यक्ष हाजी शमशाद अहमद फरीदी ने मुशायरे का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुशायरे का आगाज नाते पाक से करते हुए मशहूर शायर अरकम हसनपुरी ने कहा उम्र लग गई जिसको आईना बनाने में, एक पल ही काफी है दिल के टूट जाने में।
नौशाद अंगड़ ने कहा अगर हम मोहब्बत के मारे ना होते, तो सुखे हुए एक छुआरे ना होते। शायर जमाल हसनपुरी ने कहा बेसबब दिल को दुखाने की जरूरत क्या है, छोड़ना है तो बहाने की जरूरत क्या है। वकार फराजी ने कहा कब कहां दर्द ऐ दिल की दवा चाहिए, आप से सिर्फ मुझको वफा चाहिए... सुनाकर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।
समाजसेवी डॉ आयुष दिवाकर ने शायरों को शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर हाजी शमशाद फरीदी, सरफराज सिद्दीकी, नईम अहमद एडवोकेट, इसरार मलिक, शकील अंसारी, फरीद मलिक, डॉ फहीमुद्दीन अंसारी, हाजी सुलेमान आदि मौजूद रहे।