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बढ़ेगा गेहूं का रकबा, शासन से मांगा गया ज्यादा बीज

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बढ़ेगा गेहूं का रकबा, शासन से मांगा गया ज्यादा बीज
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बिजनौर। गन्ना का रकबा तो लगातार बढ़ ही रहा है, इस बार गेहूं का रकबा भी बढ़ना तय है। चीनी मिल जल्दी चलने से गन्ने के खेत जल्दी खाली होंगे तो उनमें गेहूं की फसल ही बोई जाएगी। किसानों को खेतों में बोने के लिए उन्नत प्रजाति के बीज की जरूरत होगी। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने गेहूं के ज्यादा बीज की मांग की है। विभाग को जल्दी ही बीज मिलने का अनुमान है।
गन्ने की लगातार बढ़ रही पैदावार और रकबे को देखते हुए चीनी मिल इस बार अक्तूबर में चलाने की तैयारी की जा रही है। कई चीनी मिलों ने मिलों के संचालन की तिथि भी प्रशासन को दे दी है। चीनी मिल जितनी जल्दी चलेंगी उतना ही जल्दी गेहूं बोने के लिए खेत खाली होंगे। जिले में गेहूं का रकबा पिछले कुछ समय में कम हुआ है। पिछले साल जिले में एक लाख 47 हजार हेक्टेयर जमीन में गेहूं बोया गया था। इस बार खेत जल्दी खाने होने पर गेहूं का रकबा बढ़ना तय माना जा रहा है। जिले में गेहूं की बुवाई किसान 25 दिसंबर तक कर लेते हैं। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने शासन से गेहूं के बीज की मात्रा बढ़ाने की मांग की है। पिछले साल विभाग को शासन से करीब 5300 क्विंटल बीज मिला था। इस बार छह हजार 582 क्विंटल बीज मांगा गया है। अगर बीज कम हुआ तो और बीज मंगवाया जाएगा।
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इन प्रजातियों के मांगे बीज
किसानों के लिए गेहूं की प्रजाति उन्नत पीबीडब्लू 3430 डीबीडब्लू 222, डब्लूएच 1124, पीबीडब्लू वन जेड एन, डीबीडब्लू 187, डीबीडब्लू 88, एचडी 3059, डीबीडब्लू 173, पीबीडब्लू 752 का बीज मांगा गया है। इसमें से करीब 1600 क्विंटल बीज पहले से ही विभाग के पास है। बाकी बीज की मांग की गई है।
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बीज रहेगा उपलब्ध
जिला कृषि अधिकारी डा.अवधेश मिश्र के अनुसार कृषि विभाग की दुकानों पर किसानों के लिए गेहूं की उन्नत प्रजातियों का आधारीय और प्रमाणिक बीज उपलब्ध रहेगा। गेहूं के रकबे में संभावित वृद्धि को देखते हुए पहले से अधिक बीज मांगा गया है। किसानों को बीज की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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