गांवों के विकास में योगदान दें उच्च शिक्षण संस्थान
बिजनौर। विवेक कॉंलेज के एमएसडब्ल्यू विभाग द्वारा उच्च शिक्षा में सामुदायिक संबद्धता, संस्थागत सामाजिक जिम्मेदारी एवं समाज कार्य अभ्यास उभरते अवसर एवं परिदृश्य विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में अमेरिका, रूस, फिलीपींस, इजिप्ट, जापान सहित दस देशों के 2774 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
बुधवार को आयोजित वेबिनार में मुख्य वक्ता यूनेस्कों को-चैयर राजेश टंडन ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा एवं रोजगार का स्वरूप बदल गया है। शिक्षा तो स्थानीय स्तर पर ग्रहण करते हैं परंतु नौकरी विदेशों में करते हैं। सभी शैक्षिक संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह अपने छात्रों को इस प्रकार की शिक्षा एवं मूल्य प्रदान करें, जिससे शिक्षा ग्रहण करने के बाद सभी स्थानीय स्तर पर शोध कर सामाजिक एवं सामुदायिक विकास में प्रतिभाग करें। उन्नत भारत अभिमान, मानवक संसाधन विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय समन्वयक प्रोफेसर विरेंद्र कुमार विजय ने कहा कि भारत में करीब सात लाख गांव हैं। इसलिए उच्च शिक्षा के साथ-साथ गांवों के विकास का दायित्व उच्च शैक्षिक संस्थाओं द्वारा निर्वहन किया जाए। इसी उद्देश्य के साथ उन्नत भारत अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत उच्च शैक्षिक संस्थाओं द्वारा अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर तकनीकी रूप से उनके विकास में सहयोग करेंगे।
लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष आरवीएस वर्मा ने कहा कि हम पाश्चात्य शिक्षा ग्रहण कर रहें हैं और उनके द्वारा प्रस्तुत अध्ययन सामग्री पढ़ रहे हैं। हमें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं को पहचानने और उसके आधार पर शिक्षा व्यवस्था का विकास करने की आवश्यकता है। कॉंलेज चैयरमैन अमित गोयल ने कहा कि कॉंलेज के लॉं विभाग द्वारा सामुदायिक कानूनी जागरूकता कार्यक्रम, नर्सिंग विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा आयुर्वेदिक हॉंस्पिटल द्वारा फ्री हेल्थ कैंप एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। एनएसएस के माध्यम से दो गांवों को गोद लेकर विभिन्न सामाजिक विषयों एवं मुद्दो पर स्थानीय सामुदायिक विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्नत भारत अभियान के तहत पांच गांवों को चिह्नित कर उनके विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में सुमैया सादत, गजाला मुश्ताक, फसी रहमान आदि का योगदान रहा।