नींदडू। मदरसा बहरुल उलूम लक्खी बाग के उस्ताद मुफ्ती मोहम्मद कासिम ने मालदार लोगों से अपेक्षाकृत सस्ते गेहूं के स्थान पर महंगी वस्तुओं का फितरा निकालने का आग्रह किया है, ताकि गरीब लोगों की अधिक मदद हो सके।
मुफ्ती मोहम्मद कासिम ने बताया कि रमजान के महीने में परिवार के हर बालिग और नाबालिग सदस्य की जानिब से सदकातुल फित्र (फितरा) अदा करना वाजिब है। इसे ईद-उल-फित्र की नमाज अदा करने से पहले-पहले निकालना जरूरी है। फितरा भी जकात की तरह गरीबों, यतीमों और असहाय लोगों को दिया जाता है। यह गेहूं, जौ, खजूर, छुआरे, पनीर और किशमिश या इनकी कीमत के रूप में दिया जाता है।
एक व्यक्ति का गेहूं का फितरा पौने दो किलोग्राम, जौ, छुआरे और किशमिश का फितरा साढ़े तीन किलोग्राम या इनका मूल्य है। जमीयतुल उलमा बिजनौर की ओर से मौजूदा बाजार रेट पर गेहूं के फितरे की कीमत 50 रुपये, आटे की 60 रुपये, जौ की 140 रुपये, खजूर की 450 रुपये, छुआरे की 840 रुपये, पनीर की 1225 रुपये और किशमिश की कीमत 1680 रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि गेहूं की कीमत अन्य अनाज के मुकाबले कम होने के कारण मालदार समेत ज्यादातर लोग गेहूं का फितरा निकालते हैं। मालदार लोगों को किशमिश, पनीर या छुआरे का फितरा अदा करना चाहिए। इसमें सवाब (पुण्य) ज्यादा है और गरीब लोगों की भी किसी हद तक मदद हो जाएगी। इस तरह वे स्वयं और उनके बच्चे भी ईद की खुशियों में शामिल हो जाएंगे।