हम ही पागल हैं तेरे प्यार में चले आते हैं...
नजीबाबाद। गुलशन-ए-सुखन की ओर से आयोजित मुशायरे में शायरों ने सामाजिक परिवेश से जुड़े कलाम पेश कर लोगों का दिल जीत लिया।
मोहल्ला मुगलूशाह में मुशायरे का आगाज मुख्य अतिथि नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां ने शमां रोशन कर किया। जानेमाने शायर महेंद्र अश्क की सदारत में आयोजित मुशायरे में नईम अख्तर का कलाम तेरे दीदार की हसरत में चले आते हैं/हम ही पागल हैं तेरे प्यार में चले आते हैं, महेंद्र अश्क का कलाम लोग जब तर्क-ए-ताल्लुक का सबब पूछेंगे/ मुझसे कुछ कहा न जाएगा तुम साथ चलो..., नदीम साहिल का कलाम यह किस तरहा का ताल्लुक है सूरज से धूप आकर भी दरीचों से गुजर जाती है, शारिक रिजवी ने तुझे ही वक्त के फिरों का रुख मोड़ना होगा..., सैयद अहमद ने खिजा की रुत में कहां वस्ल तुम पर जंचता है...कलाम पेश किया।
डॉ. नासिर अमरोही के संचालन में आयोजित मुशायरे में जुहेब अंबर, शादाब जावेद, विवेक बिजनौरी, सुल्तान अमरोहवी, ताबिश नजीबाबादी, सय्यद साद अली ने भी कलाम पेश किया। वर्षा के दौरान युवा शायर सय्यद अहमद के आवास पर भी मुशायरा कुछ देर चला। मुशायरा आयोजक मो. आजाद, सूफियान, शाहबाज आलम ने मुशायरे में आए शायरों और मेहमानों का स्वागत किया। गुलशन-ए-सुखन की ओर से नदीम साहिल की देखरेख में आयोजित मुशायरे में शायर डॉ. नासिर अमरोही ने उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी द्वारा प्रकाशित अपने काव्य संकलन आंखों में चुभते ख्वाब उपस्थित शायरों में वितरित किए। मुख्य अतिथि ने मौअज्जम खां ने शायरों को स्मृति चिह्न प्रदान किए।