बंधे से जल रिसाव, सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद
बिजनौर। ग्रामीणों को गंगा के जल प्रकोप से बचाने के लिए बने बंधे में जल रिसाव होने से सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो रही हैं। जिसके कारण किसान बैंकों के ऋण की किश्त जमा नहीं कर पा रहे हैं और उनके ऊपर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर रावली क्षेत्र के ग्र्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
रावली के पास बह रही गंगा पर बंधा बना है। किसान नेता नीलाद्रि मजूमदार ने बताया कि बंधे से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। पानी रावली, बड़कलां, सेवारामपुर, चांदपुर नौआबाद, घासीवाला कॉलोनी, धर्मनगरी, हेमराज पुर, नवलपुर आदि गांवों के खेतों में भर जाता है। पानी का रिसाव लगातार रहने से खेतों में खड़ा गन्ना, धान की फसल बर्बाद हो जाती हैं। किसान की गन्ना मुख्य फसल है। दिलीप हल्दार, मिलन विश्वास, श्यामल हल्दार, प्रदीप अधिकारी, दीपक कुमार मंडल, देवेंद्र नाथ मांझी आदि का कहना है कि किसान खेती के लिए बैंकों से ऋण लेते हैं। फसल बर्बाद होने से वह बैंकों की किश्त भी जमा नहीं कर पा रहे हैं। यह मामला विधायक, सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के सामने कई बार उठाया जा चुका है। लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
नीलाद्रि ने बताया कि बंधे का जल रिसाव रोकने की स्थायी व्यवस्था करने के लिए वर्ष 2007 में अभियान चला था। सरकार ने भरोसा भी दिया, लेकिन 13 साल में कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों के समक्ष अब आरपार का आंदोलन चलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। धर्मनगरी के श्यामल हल्दार का कहना है कि रिसाव लगातार रहने से खेतों में हर समय पानी रहता है। किसान के सामने खेत तैयार करने की समस्या है। दीपक मंडल के अनुसार करीब एक दर्जन गांवों के किसान मामले को लेकर आंदोलन करेंगे। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
मध्य गंगा नहर के अधिशासी अभियंता बीएस चाहर का कहना है कि रावली के पास करीब नौ किलोमीटर का बंधा उनके कार्य क्षेत्र में हैं। अधिकारियों की टीम भेजकर मामले को दिखवाया जाएगा। उच्च अधिकारियों ने वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
दीपक कुमार मंडल- फोटो : BIJNOR