बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी के बाद शिक्षकों के संक्रमित होने से हड़कंप मचा है। कोरोना की चपेट में आए अब तक सात शिक्षा कर्मी दम तोड़ चुके हैं। शिक्षकों ने मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग की। मतगणना के लिए पुख्ता इंतजाम न होने पर बहिष्कार की चेतावनी दी है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक व शिक्षिकाओं, अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगी थी। इसके बाद बड़ी संख्या में शिक्षक बीमार पड़ गए हैं। कई शिक्षक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। अब तक जिले के सात शिक्षा कर्मियों की संक्रमण की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। इसे लेकर शिक्षकों में हड़कंप मचा है। उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने जिला अधिकारी को दिए मांग पत्र में चुनाव ड्यूटी के बाद कोरोना से दम तोड़ चुके शिक्षकों के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार ने जिलाधिकारी को दिए मांग पत्र में कहा कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी करने के उपरांत बड़ी संख्या में शिक्षक बीमार हो गए हैं। कई शिक्षक अस्पतालों में भर्ती हैं। कई घर पर ही क्वारंटाइन हैं। चुनाव ड्यूटी करने वाले सात शिक्षा कर्मी अब तक दम तोड़ चुके हैं। उन्होंने पत्र में शिक्षकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतगणना के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। मतगणना ड्यूटी से पूर्व शिक्षकों व कर्मचारियों को कोरोना के बचाव के लिए टीका लगवाया जाए। टीकाकरण में शिक्षकों, अनुदेशकों व शिक्षामित्रों को शामिल किया जाए। मतगणना में बनाए जाने वाले एजेंट का भी टीकाकरण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने की दशा में शिक्षक विवश होकर मतगणना का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।