गौरतलब है कि मंगलवार देर रात करीब 8:30 बजे नूरपुर छीपरी के पांच लोग खुर्शीद(45), फैसल(25), राशिद(22), मारूफ(19) और सिकंदर(21) अफजलगढ़ से नुमाइश देखकर कार से घर वापस लौट रहे थे। तब इस दौरान इनकी कार अनियंत्रित होकर हरेवली रामगंगा बैराज के पुल की रेलिंग से तोड़ बैराज के करीब 30 फीट गहरे पोंड क्षेत्र में गिर गई थी।
किसी तरह सिकंदर ने अपनी जान बचाई।दो घंटे की मशक्कत के बाद जब तक कार को बाहर निकाला गया। तब तक कार में सवार खुर्शीद, फैसल, राशिद और मारुफ की मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने रात में ही चारों मृतक व्यक्तियों के शव को कब्जे में लेकर बिजनौर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बुधवार दोपहर करीब 4:00 बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों लोगों के शव गांव में पहुंचे । तो चीख पुकार मच गई।
चारों जनाजों के एक साथ उठने पर हा-हाकार मच गया। बताया गया कि गांव के कब्रिस्तान में चारों की बराबर-बराबर कब्रों को खोद सुपर्दे खाक किया। इस दौरान कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी गांव पहुंच कर मृतक लोगों के परिजनों से संपर्क किया। उन्हें ढांढ़स बंधाया।
बसपा सांसद , ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि व अन्य कई नेताओं ने गांव में पहुंच मृतकों के परिजनों को बंधाया ढांढस
नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीशचंद्र, प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान, पूर्व सपा सांसद यशवीर सिंह धोबी व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नीरज प्रताप सिंह ने अलग अलग शेरकोट थाने के गांव नूरपुर छीपरी में पहुंच मंगलवार देररात कार हादसे में मरे चारों युवकों के घरों पर जाकर उनके परिजनों से संपर्क किया।
रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाया। कहा कि जो होना होता है। वह कुदरत ने पहले से ही निश्चित कर रखा है। जिसकी ऊपर वाले ने भेज दी। उसे कोई रोकने वाला नहीं होता। मृतकों के परिजनों का कहना था कि यदि वह नुमाइश देखने न जाते तो शायद ऐसा न होता।
गांव लोगों का कहना था कि पांचों गहरे दोस्त थे। मंगलवार को दिनभर हंसी-खुशी के साथ गांव के लोगों से मिलते जुलते रहे लेकिन वक्त का कुछ पता नहीं। कब, क्या हो जाए। कुल मिलाकर चारों लोगों की मौत से गांव में पूरी तरह से मातम पसरा हुआ है। गनीमत रही कि प्रधान रउफ के कार में सवार दो पुत्रों में से सिकंदर ने किसी तरह से जान बचाई।
घना कोहरा बना हादसे का कारण
लोगों का कहना था कि मंगलवार देर रात घने कोहरे से उनके लाडलों की जान ले ली। बताया गया कि जैसे वह कार को लेकर हरेवली बैराज पर पहुंचे तो घने कोहरे के कारण के कारण रास्ता से सही नहीं दिख सका। जिसके कारण कार रेलिंग को तोड़ती हुई बैराज के पौंड क्षेत्र में गिर गई।